उत्तराखंड : लेखपाल-पटवारी के पद बढ़े, लेकिन इन पदों पर बदले मानक, यहां पढ़े संशोधित आदेश
पटवारी और लेखपाल भर्ती के लिए जो विज्ञापन पूर्व में जारी हुआ था, उसमें पटवारी के 366 और लेखपाल के 147 पद मिलाकर 513 पद शामिल थे।
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने पटवारी और लेखपाल भर्ती के बीच पदों की संख्या बढ़ाने के साथ ही लेखपाल भर्ती के मानकों में बदलाव कर दिया है। आयोग ने संशोधन आदेश गुरुवार को जारी किया है, जिसके बाद पदों की संख्या 513 से बढ़कर 554 हो गई है।
हरिद्वार में लेखपाल के 16 पद बढ़ गए
दरअसल, पटवारी और लेखपाल भर्ती के लिए जो विज्ञापन पूर्व में जारी हुआ था, उसमें पटवारी के 366 और लेखपाल के 147 पद मिलाकर 513 पद शामिल थे। अब चंपावत और उत्तरकाशी में पटवारी के 25 पद बढ़ गए हैं, जबकि हरिद्वार में लेखपाल के 16 पद बढ़ गए हैं। यानी अब यह भर्ती पटवारी के 391 और लेखपाल के 163 पदों को मिलाकर 554 पदों के लिए होगी।
लेखपाल भर्ती में उम्मीदवार की ऊंचाई का कोई मानक नहीं
आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि त्रुटिवश लेखपाल भर्ती के मानकों में शारीरिक माप के मानकों को शामिल कर लिया गया था। इसे आयोग ने मानक से हटा दिया है। लेखपाल भर्ती में उम्मीदवार की ऊंचाई का कोई मानक नहीं है।
सात किलोमीटर की दौड़ का मानक किया
सभी ऊंचाई वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। लेखपाल भर्ती में शारीरिक माप के मानक नहीं होंगे। इसमें पहले 60 मिनट में नौ किलोमीटर की दौड़ का मानक था, जिसे सात किलोमीटर कर दिया गया है।
बेरोजगारों की जीत
उधर, देवभूमि बेरोजगार मंच के अध्यक्ष राम कंडवाल ने आयोग के इस गलती सुधार को अपने संगठन और बेरोजगारों की जीत करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि बंदीरक्षक भर्ती में भी आयोग आयु की गणना एक जुलाई 2020 के बजाय एक जुलाई 2021 के आधार पर करेगा।