फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News: Police will get 8000 INSAS rifle from CRPF

उत्तराखंड: पुलिस को सीआरपीएफ से मिलेंगी 8000 इंसास राइफल, थ्री नॉट थ्री को मिलने जा रही विदाई   

Sat, 28 Aug 2021 12:59 PM IST
अलका त्यागी रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून
रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 28 Aug 2021 12:59 PM IST
सार

बीते वर्ष डीजीपी अशोक कुमार ने पुलिस को मॉडर्न बनाने के लिए पुराने हथियारों को हटाए जाने को कहा था।

विज्ञापन
Uttarakhand News: Police will get 8000 INSAS rifle from CRPF
इंसास राइफल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तराखंड पुलिस को सीआरपीएफ से 8000 इंसास राइफल मिलने जा रही हैं। इसके अलॉटमेंट की प्रक्रिया एक से डेढ़ माह के भीतर पूरी हो जाएगी। इंसास रायफलों को ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा। जबकि, शहरी क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए पिस्टल की खरीद की जानी है।  

विज्ञापन


गत वर्ष डीजीपी अशोक कुमार ने पुलिस को मॉडर्न बनाने के लिए पुराने हथियारों को हटाए जाने को कहा था। इसके लिए पुरानी 303 (थ्री नॉट थ्री) राइफलों को हटाकर इंसास (इंडियन स्माल ऑर्म्स सिस्टम) असॉल्ट राइफल और एसएलआर (सेल्फ लोडिंग राइफल) दी जानी हैं, लेकिन यह राइफलें नई नहीं ली जा रही हैं।
विज्ञापन


पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इंसास रायफलों को सीआरपीएफ से लिया जा रहा है। सीआरपीएफ करीब कई हजार राइफलों को हटाकर अन्य असॉल्ट राइफलों को अपनाने जा रही है। रिटायर की जाने वाली इंसास राइफलों में से करीब 8000 उत्तराखंड पुलिस को मिल रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनके अलॉटमेंट और खरीद की प्रक्रिया एक से डेढ़ माह के भीतर पूरी हो जाएगी। इसके साथ ही उत्तराखंड में प्रथम विश्वयुद्ध के जमाने की 303 (थ्री नॉट थ्री) राइफलों को विदाई देने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। बताया जा रहा है कि अब भी यहां पर करीब 10 हजार पुरानी थ्री नॉट थ्री राइफलें मौजूद हैं। जबकि, कई जगह एसएलआर भी उपयोग में लाई जा रही हैं। 

सेना और पैरा मिलिट्री से हट रही इंसास 

इंसास राइफल को 1999 में भारतीय आयुध निर्माणियों में तैयार किया गया था। इसके बाद से इसका इस्तेमाल भारतीय थल सेना और नेपाली आर्मी व भारतीय पैरा मिलिट्री फोर्स ने किया था, लेकिन कारगिल युद्ध में भारतीय थल सेना को इंसास का बेहतर रिजल्ट नहीं मिला। इसके बाद से भारतीय सेना से इनके हटाए जाने का क्रम शुरू हुआ और इन्हें पैरा मिलिट्री फोर्स को दिया जाने लगा। नेपाल आर्मी का भी इंसास के साथ बुरा अनुभव है। 

उत्तराखंड पुलिस के लिए उपयुक्त है इंसास 
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंसास रायफल उत्तराखंड पुलिस के लिए उपयुक्त हथियार है। इसे ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा। यह हथियार एक मिनट में 600 से 650 गोलियां दाग सकता है, जिसकी रेंज 400 से 600 मीटर तक है। डीजीपी अशोक कुमार ने भी एसएलआर और इंसास राइफल को ही उत्तराखंड पुलिस के लिए तरजीह दी थी। इसके अलावा पिस्टलों की खरीद भी अब जल्द किए जाने की बात कही जा रही है। 

हमें सीआरपीएफ से इंसास राइफल मिल रही हैं। यह सात से आठ हजार के आसपास हो सकती हैं। इनके अलॉटमेंट की प्रक्रिया में एक से डेढ़ माह या कुछ ज्यादा समय लग सकता है। इसके बाद इन्हें पुलिस में शामिल किया जाएगा, जिससे अंग्रेजों के जमाने की थ्री नॉट थ्री राइफलों को हटाया जाएगा।
- अशोक कुमार, डीजीपी उत्तराखंड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed