उत्तराखंड: पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस सख्त, यहां रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक नहीं चलेंगे वाहन
उत्तरकाशी जनपद के पर्यटक स्थलों पर नए वर्ष के जश्न के लिए सैलानियों का पहुंचना शुरू हो गया है। जश्न के दौरान हुड़दंग व कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्थाएं की हैं।
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नए साल के जश्न के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा के लिए उत्तरकाशी पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्र, जहां बर्फबारी होती है और पाला गिरता है वहां 29 दिसंबर से एक जनवरी तक रात्रि 8 बजे से सुबह 8 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों से आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं के वाहन ही चलेंगे। वहीं पुलिस विभाग ने जनपद वासियों व पर्यटकों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी।
एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग व पुलिस को अलर्ट मोड
उत्तरकाशी जनपद के पर्यटक स्थलों पर नए वर्ष के जश्न के लिए सैलानियों का पहुंचना शुरू हो गया है। जश्न के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की हैं। एसपी प्रदीप राय ने बताया कि 31 दिसंबर व नव वर्ष जश्न के दौरान मौसम खराब व बर्फबारी होने की स्थिति में पर्यटकों व स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए गंगोरी बैरियर, घराली में अस्थाई बैरियर, वन विभाग के मोरी व नैटवाड़ बैरियर पर प्रयाप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है।
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किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग व पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। भीड़-भाड़ व शोर-शराबे वाले स्थानों पर रात्रि ड्यूटी लगाई गई है। एसपी राय ने कहा कि हुड़दंग करने वाले उपद्रवियों पर अंकुश लगाने के लिए सघन चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा।
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एसपी राय ने पर्यटकों से कोविड नियमों का पालन करने, शराब पीकर अनावश्यक हुड़दंग न मचाने, बर्फबारी व पाले वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही पर्यटक स्थलों पर जाने से पहले अपने लिए होटल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।
बिना जांच के आने से कोरोना और ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ने की आशंका
नए साल का जश्न मनाने के लिए पिंडरघाटी के सभी बुग्याल पर्यटकों से गुलजार हो गए हैं। बुग्यालों में दिसंबर के दूसरे सप्ताह से ही पर्यटकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। मंगलवार शाम को ऊंची चोटियों पर हुए हिमपात ने सैलानियों के चेहरे खिला दिए हैं।
बुधवार को भी बुग्यालों में जाने वाले पर्यटकों का सिलसिला जारी रहा। थराली के ब्रहमताल, भेंकलताल, सुपताल, वेदनी, रूपकुंड, औली बुग्याल पर्यटकों के पसंदीदा स्थल हैं। पर्यटन स्थल से सटे कस्बों में होटल और लॉज भी पर्यटकों से भरे हुए हैं। महाराष्ट्र और गुजरात से सबसे अधिक पर्यटक पहुंच रहे हैं।
विदेशी पर्यटकों में इटली, ऑस्ट्रेलिया और रूस के पर्यटक भी यहां पहुंच रहे हैं। जहां एक ओर पयर्टकों के आने से चहल-पहल बढ़ी है, वहीं सीमा पर बिना जांच के पर्यटकों के इन क्षेत्रों में आने से कोरोना और ओमिक्रॉन का खतरा भी बढ़ा है।
थराली में अभी किसी भी प्रकार की सख्ती नहीं है और न ही बाहर से आने वाले सैलानियों का पंजीकरण हो रहा है। साथ ही उनकी किसी भी प्रकार से जांच न होने से स्थानीय लोगों ने इससे संक्रमण बढ़ने की आशंका व्यक्त की है।