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Uttarakhand: पहाड़ में लोन से बच रहे लोग, कारोबार नहीं पकड़ रहा जोर, 40 फीसदी से भी कम ऋण जमा अनुपात

Sun, 13 Jul 2025 02:34 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 13 Jul 2025 02:34 PM IST
सार

सीडी रेशो बढ़ाने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि, पर्यटन, उद्यान जैसे क्षेत्रों से जुड़ी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं पर फोकस करेगी।

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Uttarakhand News People in hills are avoiding loans business is not picking up
लोन - फोटो : freepik.com

विस्तार

सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद राज्य के पर्वतीय जिलों में कारोबार जोर नहीं पकड़ रहा है। खेतीबाड़ी से लेकर छोटे व बड़े कारोबार के लिए लोग बैंकों से लोन नहीं ले रहे हैं। टिहरी, पिथौरागढ़ समेत छह पर्वतीय जिलों का ऋण जमा अनुपात 40 फीसदी से भी कम है। इसे बढ़ाए जाने के लिए मुख्यमंत्री ने बैंकों और सरकार के अधिकारियों को निगरानी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं देहरादून जिले का सीडी रेशो जस का तस 41 प्रतिशत बना हुआ है।

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सीडी रेशो बढ़ाने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि, पर्यटन, उद्यान जैसे क्षेत्रों से जुड़ी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं पर फोकस करेगी। अभी यह चिंता बनी हुई है कि उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के लोग बैंकों में जमा धन का भरपूर उपयोग कैसे करें? पर्वतीय क्षेत्रों के उत्तरकाशी और चंपावत दो पर्वतीय जिले ही ऐसे हैं, जहां 50 फीसदी से अधिक सीडी रेशो है।
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इसकी प्रमुख वजह इन दोनों जिलों में कृषि, बागवानी और पर्यटन कारोबार में तेजी मानी जा रही है, जबकि अन्य पर्वतीय जनपद टिहरी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, पौड़ी और बागेश्वर में ये गतिविधियां उतनी बेहतर नहीं हैं। इन जिलों का ऋण जमा अनुपात लगातार 40 फीसदी से कम आंका गया है। राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सरकार और बैंकों के अधिकारियों को सीडी रेशो सुधारने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।
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निगरानी योग्य कार्य योजना तैयार होगी
सचिव वित्त दिलीप जावलकर के मुताबिक, प्रत्येक जिले में जिला परामर्शदात्री समिति(डीसीसी) गठित हैं। इन सभी समितियों की बैठक आयोजित कर निगरानी योग्य कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। विभागों और बैंकों को परस्पर समन्वय करते हुए ऋण जमा अनुपात सुधारने के प्रयासों और इसमें बाधा पैदा करने वाले कारणों का अध्ययन करने को कहा गया है।

बागेश्वर पौड़ी और अल्मोड़ा का सबसे कम सीडी रेशो
प्रदेश में सबसे अधिक आबादी का पलायन का सामना करने वाले राज्य के तीन पर्वतीय जिले बागेश्वर, पौड़ी और अल्मोड़ा का सबसे कम 28 फीसद सीडी रेशो है। 2023 की तुलना में यह बेशक एक फीसदी अधिक है, लेकिन राज्य के अधिकतर दूसरे जिलों से काफी कम है।

सबसे अधिक सीडी रेशो वाले जिले
जिला                सीडी रेशो(प्रति.)
ऊधम सिंह नगर   114
चंपावत                91
हरिद्वार                71
नैनीताल               54
उत्तरकाशी           54

सीडी रेशो में पिछड़ पर्वतीय जिले
टिहरी 36
पिथौरागढ़ 34
रूद्रप्रयाग 31
अल्मोड़ा 28
पौड़ी 28
बागेश्वर 25
नोट: सीडी रेशो प्रतिशत में... 

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