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उत्तराखंड: कोविड से मृत्यु पर ईएसआई कर्मियों के परिजनों को पेंशन, सात लाख लाभार्थियों को होगा फायदा

Tue, 01 Jun 2021 11:12 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 01 Jun 2021 11:12 AM IST
सार

लाभार्थियों व परिजनों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज के साथ ही कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने पर परिजनों को वेतन का 80 प्रतिशत तक पेंशन के रूप में दिया जाएगा।

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Uttarakhand News: Pension to families of ESI personnel on death due to Covid 19
पेंशन - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में पंजीकृत श्रमिकों को श्रम मंत्री ने एक और सुरक्षा की सौगात दी है। उन्होंने निर्णय लिया है कि ऐसे श्रमिकों की कोविड से मृत्यु होने पर उनके परिजनों को पेंशन दी जाएगी, जिसकी दर वेतन की 80 प्रतिशत होगी।

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अमर उजाला से बातचीत में श्रम मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने कहा कि पूर्व में करीब साढ़े सात लाख ईएसआई लाभार्थियों को सूचीबद्ध के अलावा निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज देने की घोषणा की गई थी। कोविड काल में ईएसआई लाभार्थियों और उनके परिजनों के लिए एक और अहम फैसला लिया गया है।
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उन्होंने बताया कि लाभार्थियों व परिजनों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज के साथ ही कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने पर परिजनों को वेतन का 80 प्रतिशत तक पेंशन के रूप में दिया जाएगा। मसलन, अगर किसी कर्मचारी का वेतन 10 हजार रुपये है तो उसकी मृत्यु कोविड से होने पर परिजनों को आठ हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। इससे उनके परिवारों पर गंभीर आर्थिक संकट नहीं आएगा।
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कर्मकार बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों को मदद पर मंथन
श्रम मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से भी पंजीकृत श्रमिकों को आर्थिक मदद देने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए जल्द ही वह बैठक करने जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि श्रमिकों को सरकार एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता देगी। हालांकि बैठक के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय होगा।

श्रमिकों को राशन किट पर कर्मकार बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव में ठनी

श्रमिकों को कोविड कर्फ्यू के दौरान राशन किट बांटने को लेकर उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव में ठन गई है। अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने मुख्य सचिव को सचिव मधु नेगी चौहान के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।

कर्मकार बोर्ड एक बार फिर विवादों में है। इस बार विवाद पैदा हुए हैं अध्यक्ष और सचिव के बीच तालमेल न होने के कारण। अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने मुख्य सचिव ओम प्रकाश को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि सचिव न तो किसी भी मुद्दे पर उनसे सलाह-मशविरा करती हैं और न ही बोर्ड की ओर से लिए गए फैसलों पर अमल कर रही हैं।

उनका कहना है कि लाखों श्रमिकों के हित में बोर्ड बैठक में राशन किट बांटने का फैसला लिया गया था लेकिन सचिव ने इस फैसले पर आज तक अमल नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कर्मचारी को बोर्ड ने निलंबित किया था, उसी से वर्तमान सचिव कामकाज करा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि 14 मई को बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी लेकिन सचिव ने उसमें हिस्सा नहीं लिया है। सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर उन्होंने पूर्व में उन्हें चेतावनी जारी की थी लेकिन उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ है। मामले में पक्ष जानने के लिए सचिव मधु नेगी चौहान को फोन किया गया। उन्हें एसएमएस भी किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। 

श्रम मंत्री केवल चर्चा कर सकते हैं
बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने अपने शिकायती पत्र में श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि अधिनियम के अंतर्गत बोर्ड के कार्यकलापों पर श्रम मंत्री केवल चर्चा कर सकते हैं। अप्रत्यक्ष रूप से उन्होंने सचिव पर यह भी आरोप लगाए हैं कि वह उनसे दिशा-निर्देश लेने के बजाए कहीं और से निर्देश ग्रहण कर रही हैं।

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