उत्तराखंड: नए साल के जश्न पर ओमिक्रॉन का ग्रहण, रिजॉर्ट और होटलों की बुकिंग रद्द करा रहे सैलानी
ओमिक्रॉन के तेजी से हो रहे प्रसार के कारण नैनीताल जिले के रामनगर में भी पर्यटकों के कदम ठिठक गए हैं। जिन पर्यटकों ने दस जनवरी तक रिजॉर्ट और होटलों में बुकिंग कराई थी, उनमें से कुछ बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं।
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देश के साथ उत्तराखंड में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले सामने आने के बाद कई प्रदेशों ने सख्ती बढ़ा दी है। कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू व नए साल के जश्न पर पाबंदी लग चुकी है। तीसरी लहर की आशंका व ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर राज्य सरकार भी अलर्ट मोड पर है। इसका असर नए साल के पर्यटन कारोबारियों की तैयारी पर भी पड़ सकता है। उत्तराखंड में भी नए साल के लिए मसूरी, नैनीताल और हरिद्वार में होटल में कमरों और टैक्सी की बुकिंग रद्द होने लगी है।
होटल उद्योग पर ओमिक्रॉन का असर
मसूरी में होटल उद्योग पर ओमिक्रॉन का असर पड़ा है। शहर में कई होटलों की एडवांस बुकिंग रद्द हो गई है। मसूरी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि ओमिक्रॉन के चलते 15 फीसदी बुकिंग रद्द हुई है। उन्होंने कहा कि शहर में नए साल के लिए अभी तक 60 फीसदी ही बुकिंग आई है। वहीं शहर के पांच सितारा होटल नए साल के लिए पैक हो गए हैं।
रामनगर में 30 फीसदी बुकिंग रद्द
ओमिक्रॉन के तेजी से हो रहे प्रसार के कारण नैनीताल जिले के रामनगर में भी पर्यटकों के कदम ठिठक गए हैं। जिन पर्यटकों ने दस जनवरी तक रिजॉर्ट और होटलों में बुकिंग कराई थी, उनमें से कुछ बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं। अब तक 30 फीसदी बुकिंग रद्द हो चुकी है।
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इस साल नए वर्ष की पार्टियों की तैयारी चल रही थीं कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का प्रसार शुरू हो गया। रिजॉर्ट और होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिसिंह मान ने बताया कि क्रिसमस पर भी कई पर्यटकों ने बुकिंग रद्द कराई थी। जिन पर्यटकों ने नए साल के जश्न के लिए बुकिंग कराई थी अब वे भी बुकिंग रद्द करा रहे हैं। कोविड के कारण होटल कारोबारियों को 12 सौ करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा था।
प्रदेश में सख्ती बढ़ती है तो इसका सीधा असर पर्यटन पर पड़ेगा। मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश और धर्मनगरी हरिद्वार सहित राज्य के सभी पर्यटन स्थलों और हिल स्टेशनों में नए साल का जश्न मनाने के लिए हमेशा बड़ी तादाद में सैलानी आते हैं।
पर्यटन व्यवसायियों की भी चिंता बढ़ा दी
ओमिक्रॉन ने सरकार के साथ-साथ पर्यटन व्यवसायियों की भी चिंता बढ़ा दी है। इस बार पर्यटन व्यवसायियों ने अपनी तरफ से तैयारियां की थी। ऐसे में अचानक कोरोना के नए वैरिएंट के केस बढ़ने और सरकारी की तरफ से कुछ गाइड लाइन ने तैयारी करने वाले व्यवसायियों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। पिछले साल त्योहारों के साथ नए साल पर कोरोना का ग्रहण लगा रहा है। इस साल जून के बाद केस कम होने के बाद बाजार की व्यवस्थाएं धीरे-धीरे पर पटरी आने लगी थी।
दशहरा व दीपावली पर बाजार ने जमकर उछाल मारी थी और व्यापारियों को राहत मिली थी। चारधाम यात्रा करने की छूट मिलने से भी काफी संख्या में यात्री यहां पहुंचे थे। पिछले दिनों हुए गंगा स्नानों पर भी खूब भीड़ उमड़ी थी। अब कारोबारियों को थर्टी फस्ट और नए साल को लेकर बहुत उम्मीद थी। पर्यटन से जुड़े लोगों के अनुसार इस बार नए साल के स्वागत के लिए 30 हजार से अधिक यात्रियों के आने की उम्मीद थी। अब जिस तरह से लोग अपनी बुकिंग रद्द करने लगे हैं उससे कारोबारी निराश हैं।
नए साल के जश्न पर कई प्रदेशों में पाबंदी लगी है। ऐसे में उन प्रदेशों से आने वाले लोग अपनी बुकिंग रद्द करा रहे हैं। जिसके चलते एक बार फिर से ट्रांसपोर्टर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
- सोनित चौहान, चौहान टूर एंड ट्रेवल्स
कोरोना के चलते पिछले दो सालों में होटल कारोबारी प्रभावित हुआ है। अब धीरे-धीरे व्यापार पटरी पर आ रहा था। मगर ओमिक्रॉन के चलते एक बाद फिर से पर्यटन कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई यात्रियों ने होटलों के कमरों की बुकिंग रद्द कर दी है।
- आशुतोष शर्मा, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन