उत्तराखंड : अब धरातल पर उतरेगी नई शिक्षा नीति, स्टीयरिंग कमेटी और टास्क फोर्स का गठन होने से आएगी तेजी
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पर्वतीय क्षेत्रों में कालेजों में उच्च शिक्षा से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की चुनौती का सामना भी इस नीति के तहत प्रदेश सरकार को करना है। इसी के साथ नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा को अधिक रोजगार परक और व्यवहारिक भी बनाना है। साफ है कि नई शिक्षा नीति के तहत सरकार को कई स्तर पर त्वरित फैसले भी करने होंगे।
यह है स्टीयरिंग कमेटी
अध्यक्ष-मुख्य सचिव, सदस्य- प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, सचिव तकनीकि शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, वित्त विभाग, सीएम की ओर से नामित चार शिक्षाविद, विद्यालयी शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्री की ओर से नामित दो-दो सदस्य
नई शिक्षा नीति के तहत यह काम भी करने होंगे
1.सरकारी कालेजों को स्वायत्तशासी बनाया जाएगा
2.विश्वविद्यालय बनाने को राजकीय महाविद्यालयों का चयन
3.नए विश्वविद्यालय बनाए जाएंगे
4.प्रत्येक जिले में समावेशी कालेज
5. नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम निर्धारण
6.बहुआयामी शिक्षा व्यवस्था
7.बाल्यावस्था शिक्षा को स्कूली शिक्षा से जोड़ना
टास्क फोर्स
अध्यक्ष- विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उपाध्यक्ष- राज्यमंत्री उच्च शिक्षा। संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव आमंत्रित सदस्य, संबंधति पक्ष और शिक्षाविद नामित सदस्य