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Uttarakhand: मोरी पीएचसी अब CHC और सितारगंज उप जिला अस्पताल बना, विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद भरने की स्वीकृति
Thu, 10 Oct 2024 07:22 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 10 Oct 2024 07:22 PM IST
सार
सितारगंज में 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 90 बेड का उप जिला चिकित्सालय में उच्चीकृत किया गया है। अस्पताल के संचालन के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक समेत कुल 65 पदों की स्वीकृति दी गई है।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश सरकार ने ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय और उत्तरकाशी जिले के मोरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा बढ़ाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया है।
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दोनों अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और अन्य पदों को भरने की स्वीकृति मिल गई है। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया, सितारगंज में 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 90 बेड का उप जिला चिकित्सालय में उच्चीकृत किया गया है। अस्पताल के संचालन के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक समेत कुल 65 पदों की स्वीकृति दी गई है।
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इनमें 40 पद नए सृजित किए गए हैं। नवसृजित पदों में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के अलावा एक आर्थोपैडिक सर्जन, एक नेत्र शल्यक, एक रेडियोलॉजिस्ट, एक पैथोलोजिस्ट, चार वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी, 10 नर्सिंग अधिकारी और एक लैब टेक्नीशियन शामिल है। इसके अलावा 20 पद आउटसोर्स से होंगे।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा पर मोरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया है। अस्पताल के संचालन के लिए 37 पदों की स्वीकृति दी गई है। इसमें 12 पद आउटसोर्स से भरे जाएंगे।
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स्वीकृत पदों में चिकित्सा अधीक्षक, पब्लिक हेल्थ स्पेशियलिस्ट, जनरल सर्जन, फिजीशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, दंत शल्यक, नर्सिंग अधिकारी, लैब टेक्नीशियन आदि मुख्य रूप से शामिल हैं।
जन स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाना प्राथमिकता है। चिकित्सा संस्थानों के उच्चीकरण संग उन्हें अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा से लैस किया जा रहा है। पर्वतीय जिलों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ डॉक्टरों की तैनाती, जीवनरक्षक उपकरणों और दवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है। डॉक्टरों को अस्पतालों में अपनी ड्यूटी पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री