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उत्तराखंड : अब सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में इमरजेंसी के समय डॉक्टर मरीज को दे सकेंगे एलोपैथिक दवा
Mon, 21 Jun 2021 12:15 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 21 Jun 2021 12:15 PM IST
सार
आयुष मंत्री की इस घोषणा के बाद अब आयुर्वेदिक चिकित्सक एलोपैथिक दवाइयां लिख पाएंगे।
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आयुष मंत्री हरक सिंह
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने हर्रावाला स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज में योगाभ्यास किया।
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इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश, हरिद्वार, नैनीताल समेत चारधाम यात्रा रूटों पर गढ़वाल मंडल विकास निगम लिमिटेड (जीएमवीएन) के होटलों में पंचकर्म और योग केंद्र की स्थापना की जाएगी।
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इमरजेंसी के समय आयुष डॉक्टर लिख सकेंगे एलोपैथिक दवा
इस मौके पर आयुष मंत्री हरक सिंह ने घोषणा की कि सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में इमरजेंसी के समय आयुष डॉक्टर एलोपैथिक दवा लिख सकेंगे। आयुष मंत्री की इस घोषणा के बाद अब आयुर्वेदिक चिकित्सक एलोपैथिक दवाइयां लिख पाएंगे।
आयुष मंत्री हरक सिंह ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा जारी किए गए आदेशों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री द्वारा जारी किए गए आदेश:
- उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में योग के डिप्लोमा पाठ्यक्रम डिग्री कोर्स को मंजूरी
- आयुर्वेदिक विश्व विद्यालय में योग और अन्य कार्यक्रमों के लिए ऑडिटोरियम की घोषणा
- कोटद्वार के चरक डांडा में अंतरराष्ट्रीय आयुर्वैदिक शोध संस्थान के लिए आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के डेवलपमेंट फंड से दस करोड़ की स्वीकृति
- प्रदेश के जिला मुख्यालयों में 25 बेड और तहसील लेवल पर 15 बेड के आयुर्वेदिक हॉस्पिटल खोलने की घोषणा
- दूरदराज के क्षेत्रों में सौ योग और वैलनेस सेंटर बनाने की घोषणा, पहले चरण में 50 वैलनेस सेंटर बनाए जाएंगे
- गुरुकुल कांगड़ी में हिंदुस्तान का पहला आयुर्वेदिक कैंसर संस्थान खोलने की घोषणा
- केरल में पंचकर्म की तर्ज पर उत्तराखंड में मर्म चिकित्सा को चिकित्सा पद्धति के रूप में आगे बढ़ाएगी सरकार
बाबा रामदेव ने एलोपैथिक इलाज और डॉक्टरों को लेकर दिए थे विवादित बयान
बता दें कि पिछले दिनों बाबा रामदेव ने कोरोना संक्रमण के दौरान एलोपैथिक डॉक्टरों और एलोपैथिक इलाज को लेकर विवादित बयान दिए थे। जिसके बाद देश भर में बाबा रामदेव को डॉक्टरों का विरोध झेलना पड़ा था।
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इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हषवर्धन भी सामने आए थे, लेकिन उनके आने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ था। आईएमए और बाबा रामदेव के बीच ये विवाद कई दिनों तक चला था।
- आयुर्वेदिक विश्व विद्यालय में योग और अन्य कार्यक्रमों के लिए ऑडिटोरियम की घोषणा
- कोटद्वार के चरक डांडा में अंतरराष्ट्रीय आयुर्वैदिक शोध संस्थान के लिए आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के डेवलपमेंट फंड से दस करोड़ की स्वीकृति
- प्रदेश के जिला मुख्यालयों में 25 बेड और तहसील लेवल पर 15 बेड के आयुर्वेदिक हॉस्पिटल खोलने की घोषणा
- दूरदराज के क्षेत्रों में सौ योग और वैलनेस सेंटर बनाने की घोषणा, पहले चरण में 50 वैलनेस सेंटर बनाए जाएंगे
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बाबा रामदेव ने एलोपैथिक इलाज और डॉक्टरों को लेकर दिए थे विवादित बयान
बता दें कि पिछले दिनों बाबा रामदेव ने कोरोना संक्रमण के दौरान एलोपैथिक डॉक्टरों और एलोपैथिक इलाज को लेकर विवादित बयान दिए थे। जिसके बाद देश भर में बाबा रामदेव को डॉक्टरों का विरोध झेलना पड़ा था।
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इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हषवर्धन भी सामने आए थे, लेकिन उनके आने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ था। आईएमए और बाबा रामदेव के बीच ये विवाद कई दिनों तक चला था।