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Uttarakhand: अब तराई पश्चिम वन प्रभाग में भी करें टाइगर सफारी, अक्तूबर से शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग
Wed, 28 Aug 2024 11:42 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 28 Aug 2024 11:42 PM IST
सार
तराई पश्चिम वन प्रभाग में बाघों की संख्या 52 है। इस प्रभाग के फाटो रेंज और हाथीडगर में इको टूरिज्म गतिविधियां संचालित होती है।
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टाइगर सफारी
- फोटो : instagram
विस्तार
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे तराई पश्चिम वन प्रभाग में बाघ और जैवविविधता को देखने के लिए एक वित्तीय वर्ष में करीब एक लाख पर्यटक पहुंच चुके हैं। जिसके बाद अब वन विभाग प्रभाग ने इको टूरिज्म से जुड़ी और सुविधाओं को बढ़ाने के साथ अपनी ब्रांडिंग पर फोकस करने का फैसला किया है। अक्तूबर से प्रभाग में टाइगर सफारी (डे विजिट) के लिए आनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू होगी।
तराई पश्चिम वन प्रभाग में बाघों की संख्या 52 है। इस प्रभाग के फाटो रेंज और हाथीडगर में इको टूरिज्म गतिविधियां संचालित होती है। वर्ष-2022 में यह प्रयास शुरू हुआ था, उस वर्ष करीब ढाई हजार लोग पहुंचे थे। पर पिछले वित्तीय वर्ष में वन विभाग के अनुसार संख्या बढ़कर एक लाख तक हो गई है। अभी टाइगर सफारी के लिए आफलाइन बुकिंग की व्यवस्था है, जिससे अक्तूबर तक आनलाइन करने की योजना है।
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तराई पश्चिम वन प्रभाग में बाघों की संख्या 52 है। इस प्रभाग के फाटो रेंज और हाथीडगर में इको टूरिज्म गतिविधियां संचालित होती है। वर्ष-2022 में यह प्रयास शुरू हुआ था, उस वर्ष करीब ढाई हजार लोग पहुंचे थे। पर पिछले वित्तीय वर्ष में वन विभाग के अनुसार संख्या बढ़कर एक लाख तक हो गई है। अभी टाइगर सफारी के लिए आफलाइन बुकिंग की व्यवस्था है, जिससे अक्तूबर तक आनलाइन करने की योजना है।
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प्रभाग का लोगो भी हो रहा तैयार
डीएफओ प्रकाश आर्य कहते हैं कि प्रभाग में इको टूरिज्म से जुड़ी सुविधाओं के साथ रोजगार सृजित करने की दिशा में भी काम हो रहा है। प्रभाग ने अपनी ब्रांडिंग पर भी फोकस किया है, प्रभाग का जल्द अपना लोगो तैयार हो जाएगा। इसके अलावा कार्बेट टाइगर रिजर्व की तर्ज पर उससे जुड़ी टी- शर्ट, कैप आदि को तैयार किया जाएगा, जिसकी बिक्री से स्थानीय लोगों को लाभ होगा। प्रभाग में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से और स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। प्रभाग में इको टूरिज्म गतिविधियों से प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हुआ है।