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Uttarakhand News : अब भवन व पुल भूकंप की लिहाज से होंगे और सुरक्षित
Mon, 11 Jan 2021 12:00 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 11 Jan 2021 12:00 PM IST
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भूकंप (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : iStock
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राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूकंप के नुकसान को कम से कम करने के लिए इमारतों सहित पुल आदि को और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में बताया गया कि भूकंप के हिसाब से राज्य में लगभग 18 हजार सरकारी भवनों की प्रारंभिक जांच कर विभिन्न सरकारी विभागों को यह जानकारी उपलब्ध कराई गई है। वहीं, वर्तमान में 90 अस्पतालों की रेट्रोफिटिंग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाई जा रही है।
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बताया गया कि प्रदेश में नेशनल सिस्मिक रिस्क मिटिगेशन परियोजना के तहत उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, राजस्व आदि के साथ तालमेल बना कर भवनों और संवेदनशील पुलों की रेट्रोफिटिंग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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केंद्र सरकार एवं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से अब तक पांच सरकारी भवनों की रेट्रोफिटिंग और 15 भवनों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी का कार्य सीबीआरआई रुड़की को सौंपा जा चुका है। मॉडल रूप में पांच भवनों की रेट्रोफिटिंग की जानी एवं टेक्निकल डेमोनस्ट्रेशन यूनिट को आंगनबाड़ी सेंटर के रूप में स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
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बैठक में ग्रामीण विभाग के चीफ वाईडी पांडे ने कहा कि राज्य में जो नए निर्माण कार्य हो रहे हैं वो बिल्डिंग बायलॉज के आधार पर हों, साथ ही साथ अधिक से अधिक इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग, राजमिस्त्री प्रशिक्षण राज्य में कराए जाएं। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिद्धिम अग्रवाल ने स्ट्रक्चरल सेफ्टी के लिए सीबीआरआई रुड़की से प्रस्ताव प्राप्त कर के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
भूकंप से नुकसान इतना नहीं होता जितना की कमजोर इमारतों और अन्य संरचनाओं से होता है। जरूरी यह है कि भूूकंप के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए प्रदेश में लोगों को भूकंप सहन करने वालीं इमारतों के निर्माण की जानकारी दी जाए। इसके साथ ही निर्माण से जुड़ीं एजेंसियों के कर्मियों, इंजीनियरों को भी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
- रिद्धिम अग्रवाल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, यूएसडीएमए