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Dehradun News : महिला सुरक्षा भगवान भरोसे, वाहनों में लगे पैनिक बटन का सॉफ्टवेयर खराब, अलर्ट रुके
Fri, 08 Jan 2021 04:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 08 Jan 2021 04:03 PM IST
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यात्री वाहनों में सफर के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगाए गए पैनिक बटन का सॉफ्टवेयर खराब हो गया है। कई दिनों से परिवहन विभाग को पैनिक बटन का अलर्ट नहीं मिल पा रहा है। वहीं, दो साल में प्रदेशभर में 8,262 वाहनों में पैनिक बटन तो लग गए लेकिन अभी तक पुलिस के तुरंत रिस्पांस की भी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
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परिवहन विभाग ने एक जनवरी 2019 से सभी नए यात्री वाहनों में महिला सुरक्षा के लिए व्हीकल लोकेशन डिवाइस और पैनिक बटन लगाने की शुरुआत की थी। कोई भी यात्री वाहन इसके बिना रजिस्टर्ड ही नहीं होता। इन दो वर्षों में 8262 वाहनों में यह डिवाइस और बटन लग गए भी लेकिन परिवहन विभाग अब तक इसे सुचारू नहीं कर पाया। अभी तक वाहन की लोकेशन ट्रेस हो सकती है और अगर कोई महिला पैनिक बटन दबाती है तो उसकी जानकारी परिवहन विभाग को पता चलती है।
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अभी तक ऐसा कोई सिस्टम विकसित नहीं हो पाया, जिसके तहत पैनिक बटन दबाते ही मौके पर पुलिस पहुंच जाए। बहरहाल, अब परिवहन विभाग को अलर्ट देने वाले सॉफ्टवेयर में भी तकनीकी खराबी आ गई है। इस वजह से अब किस जगह से कौन महिला पैनिक बटन दबा रही है, उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है।
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हालांकि एनआईसी की टीम तकनीकी खामी को दूर करने में जुटी हुई है। फिलहाल, महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे रह गई है। मामले में पक्ष जानने के लिए परिवहन आयुक्त दीपेंद्र चौधरी, उप परिवहन आयुक्त एसके सिंह को फोन मिलाया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। जब उनका पक्ष आएगा तो वह भी प्रकाशित किया जाएगा।
दो साल में भी सुचारू नहीं हो पाया पैनिक बटन का काम
दो साल से प्रदेशभर में वाहन तो पैनिक बटन लगने के बाद ही पंजीकृत हो रहे हैं लेकिन इन बटनों का इस्तेमाल सुचारू नहीं हो पाया है। न तो परिवहन विभाग ने महिलाओं में इसकी जागरुकता को लेकर कोई ठोस कदम उठाया है और न ही अब तक बटन दबाने पर 112 नंबर के माध्यम से पुलिस को सूचना देने का तंत्र विकसित हो पाया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि बिना तैयारी परिवहन विभाग ने इसे लागू क्यों किया।
कंट्रोल रूम भी अभी दिन में ही चलता है
परिवहन विभाग का कंट्रोल रूम भी अभी केवल दिन में चलता है। यानी अगर कोई महिला दिन में पैनिक बटन दबाएगी तो परिवहन विभाग को उसका पता चल जाता है लेकिन अगर रात को 12 बजे किसी महिला ने वाहन में पैनिक बटन दबाया तो उसकी जानकारी नहीं मिल पाएगी क्योंकि परिवहन मुख्यालय में जिन कर्मचारियों को यह ड्यूटी दी गई है, वह केवल दिन के समय ही रहते हैं।