{"_id":"60fd0652a129e01f5b75783d","slug":"uttarakhand-news-nagar-panchayat-president-chair-snatched-fight-election-with-fake-documents","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी छिनी, तीसरे बच्चे के फर्जी दस्तावेज बनाकर लड़ा था चुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी छिनी, तीसरे बच्चे के फर्जी दस्तावेज बनाकर लड़ा था चुनाव
Sun, 25 Jul 2021 12:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 25 Jul 2021 12:12 PM IST
सार
2018 में हुए पंचायत चुनाव में केलाखेड़ा के चार प्रत्याशियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। 18 नवंबर 2018 को मतदान के बाद 20 तारीख को मतगणना हुई थी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रुद्रपुर में केलाखेड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष हामिद अली की ओर से तीसरे बच्चे के फर्जी दस्तावेज बनाकर चुनाव लड़ने की पुष्टि हुई है। प्रथम अपर जिला न्यायाधीश ने हामिद को अध्यक्ष पद के लिए अयोग्य घोषित करते हुए उनका निर्वाचन रद्द कर सीट को रिक्त घोषित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। कोर्ट ने डीएम को इस सीट के संबंध में अग्रिम फैसला जल्द लेने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
2018 में हुए पंचायत चुनाव में केलाखेड़ा के चार प्रत्याशियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। 18 नवंबर 2018 को मतदान के बाद 20 तारीख को मतगणना हुई थी। चुनाव में 6599 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया था। 2131 वोट के साथ हामिद अली निवासी केलाखेड़ा वार्ड नंबर तीन, नवगठित वार्ड चार जामा मस्जिद हाट बाजार केलाखेड़ा विजयी रहे थे। अकरम खां निवासी वार्ड नंबर छह, नवगठित वार्ड नंबर आठ रत्ना मडैया कैलाखेड़ा 2031 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे।
विज्ञापन
हामिद के चुनाव जीतने के बाद विपक्षी अकरम खां ने उन पर वास्तविक तथ्य छिपाने का आरोप लगाते हुए दिसंबर 2018 को एडीजे कोर्ट में अपने अधिवक्ता शाहिद हुसैन के माध्यम से चुनौती दे दी थी। अकरम खां के अधिवक्ता शाहिद हुसैन ने बताया कि उन्होंने सूचना के आधार पर हामिद अली के सभी दस्तावेज एकत्र कर कोर्ट में प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि सरकार ने 27 अप्रैल 2003 के नोटिफिकेशन में कहा था कि 27 अप्रैल के बाद दो से अधिक संतान होने पर चुनाव नहीं लड़ सकते।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि नगर पंचायत अध्यक्ष हामिद अली के तीसरे बच्चे की पैदाइश 20 मई 2003 की थी। सही दस्तावेजों में भी यही अंकित है। चुनाव के समय उसने तीसरे बच्चे की फर्जी जन्मतिथि 20 अप्रैल 2003 दर्शाकर चुनाव लड़ लिया। 22 जुलाई को प्रथम अपर जिला न्यायाधीश सुशील तोमर ने हामिद अली को नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अयोग्य होने के कारण रद्द कर अध्यक्ष पद को आकस्मिक रूप से रिक्त घोषित कर दिया है।
पद से पहले भी हो चुका है निलंबित
हामिद अली का विवादों से पुराना नाता रहा है। अधिवक्ता शाहिद खां ने बताया कि पूर्व में नगर पंचायत अध्यक्ष रहते हुए हामिद अली घोटाले के आरोप में निलंबित हो चुके हैं। शासन में मामला पहुंचने के बाद तत्कालीन डीएम एल फैनई ने उन्हें निलंबित किया था। उस समय चार्ज शकील अहमद को दिया गया था।
दूसरी पत्नी से शादी को भी छिपाया
अकरम खां के अधिवक्ता शाहिद हुसैन ने बताया कि हामिद ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत दूसरे धर्म की एक युवती से शादी की थी। उससे जो बेटी पैदा हुई उसका नाम आहाना रखा गया। इसके अलावा भी कई आरोप उन पर पहले से हैं।
न्याय की जीत हुई: अकरम
अकरम खां ने बताया कि आखिरकार न्याय की जीत हुई है। हामिद अली ने गलत दस्तावेज बनाकर चुनाव लड़ा था। इसके खिलाफ उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी। उन्हें कोर्ट से न्याय की उम्मीद थी। तीन साल बाद फैसला उनके पक्ष में आ गया है।