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Uttarakhand: पिथौरागढ़ में बोले मोहन भागवत-विद्या के सदुपयोग से ही आत्मनिर्भर बन सकता है देश
Sun, 17 Nov 2024 07:09 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 17 Nov 2024 07:09 PM IST
सार
मोहन भागवत ने कहा कि पलायन को रोकने के लिए खेती करने पर जोर दिया। कहा कि इसी को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बना जा सकता है।
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मोहन भागवत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत का आज शेर सिंह कार्की सरस्वती विहार मुवानी में भव्य स्वागत किया गया। मोहन भागवत 16 से 19 नवंबर तक अपने प्रवास पर पिथौरागढ़ पहुंचे हैं।
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स्कूली बच्चों ने बैंड परेड से स्वागत किया। सबसे पहले उन्होंने शेर सिंह कार्की की समाधि स्थल के पास चंदन का पौधा लगाया। स्वर्गीय शेर सिंह की फोटो में माल्यार्पण कर उन्होंने नव निर्मित विद्यालय भवन का लोकार्पण किया। उसके बाद वे थल, डीडीहाट,बेड़ीनाग, मुनस्यारी, धारचूला, पांखू, पिथौरागढ़,बागेश्वर से पहुंचे लोगों और जोहार शौका संस्कृति महिलाओं और रं संस्कृति की महिलाओं का अभिवादन स्वीकार करने के बाद खचाखच भरे अरुण अम्बानी सभागार में पहुंचे।
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उन्होंने पलायन को रोकने के लिए खेती करने पर जोर दिया। कहा कि इसी को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बना जा सकता है। शिक्षा मिलने के बाद उसका उपयोग दूसरे को अच्छी शिक्षा देने में करना चाहिए। कालांतर में बड़े-बड़े ऋषि और अनपढ़ लोगों ने महान कार्य किए हैं, यदि वो ज्यादा पढ़े लिखे होते तो कितना और पुण्य और महान कार्य करते। उन्होंने कहा अच्छी और उच्च शिक्षा लेकर समाज में उसका प्रसार कर दूसरों के लिए विद्या का उपयोग और सदुपयोग करना चाहिए। विद्या का उपयोग दूसरों को अपनी शिक्षा बांटने और उस शिक्षा से कमाए धन को दान करने और अपनी शक्ति का उपयोग उसकी सुरक्षा के लिए करने से ही शिक्षा का सही सदुपयोग होता है। इस दौरान पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भी मौजूद रहे। कुलपति ओम प्रकाश सिंह नेगी ने शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती के बृहद शिक्षा के उद्देश्य और उसकी योगदान पर चर्चा की।