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उत्तराखंड: सीएम तीरथ को भीमताल से चुनाव लड़ने की पेशकश, विधायक राम सिंह कैड़ा सीट छोड़ने को तैयार
Tue, 23 Mar 2021 08:12 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 23 Mar 2021 08:12 PM IST
सार
- कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत व विधायक महेंद्र भट्ट भी कर चुके हैं सीट छोड़ने का ऐलान
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सीएम तीरथ सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को अपनी सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश करने वालों में एक नाम विधायक राम सिंह कैड़ा का भी जुड़ गया है। कैड़ा ने मुख्यमंत्री को अपनी सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की है। कैड़ा भीमताल से विधायक हैं और 2017 में वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीते थे। तब भाजपा प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे थे।
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बकौल कैड़ा, मेरी इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है। मैं उनके लिए सीट छोड़ने को तैयार हूं। मुख्यमंत्री भीमताल से चुनाव लड़ेंगे तो ओखलकांड, धारी, रामगढ़ व भीमताल क्षेत्र के विकास को मजबूती मिलेगी। कैड़ा से पूर्व भाजपा के दो और विधायक भी मुख्यमंत्री के लिए सीट खाली करने की घोषणा कर चुके हैं।
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सबसे पहले बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनसे अपनी सीट पर चुनाव लड़ने का अनुरोध किया था। उनके बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने भी मुख्यमंत्री को अपनी सीट पर चुनाव लड़ने की पेशकश की थी। डॉ. रावत कोटद्वार से विधायक हैं और पौड़ी गढ़वाल लोकसभा से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।
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सीएम बनने वाले पांचवें सांसद
वहीं, आपको बता दें कि तीरथ रावत से पहले चार सांसद उत्तराखंड के सीएम बन चुके हैं। इनको विधानसभा सदस्य बनने के लिए बाद में उपचुनाव लड़ना पड़ा था। इस परंपरा की शुरुआत 2002 में तत्कालीन सीएम एनडी तिवारी ने की थी। वह नैनीताल से लोकसभा के सांसद थे। सीएम बनने के बाद उन्होंने रामनगर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीता था। इसी तरह पौड़ी गढ़वाल से ही सांसद रह चुके भुवन चंद्र खंडूड़ी राज्य का सीएम बनने के बाद धूमाकोट से विधायक बने।
इसके बाद टिहरी से सांसद विजय बहुगुणा जब कांग्रेस की ओर से सीएम बने तो उन्होंने सितारगंज से विधानसभा का चुनाव जीता था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत जब सीएम बने तब उन्होंने धारचूला से विधानसभा का चुनाव जीता था। उनके लिए पार्टी के ही विधायक हरीश धामी ने सीट छोड़ी थी।