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Uttarakhand: दूसरी बार हाईकोर्ट पहुंचा शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन का मामला, चार महीने से हैं खाली हाथ

Wed, 09 Jul 2025 03:34 PM IST
अलका त्यागी करन सिंह दयाल, अमर उजाला, देहरादून
करन सिंह दयाल, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 09 Jul 2025 03:34 PM IST
सार

दोनों महाविद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को बीते चार महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया। शासन का कहना है कि दोनों महाविद्यालय में प्रबंधन और नियंत्रक न होने की वजह से वेतन को रोका गया है।

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Uttarakhand News matter of salary of teachers and employees reached the High Court for the second time
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

वेतन न मिलने से परेशान केएल डीएवी पीजी कॉलेज रुड़की के शिक्षकों व कर्मचारियों ने एक बार फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब एमकेपी पीजी कॉलेज के शिक्षक व कर्मचारी भी कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।

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दरअसल, दोनों महाविद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को बीते चार महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया। शासन का कहना है कि दोनों महाविद्यालय में प्रबंधन और नियंत्रक न होने की वजह से वेतन को रोका गया है। लेकिन यह कोई नई बात नहीं है। एमकेपी पीजी कॉलेज में तो साल 2020 से प्रबंधन और नियंत्रक ही नहीं हैं। लेकिन अभी तक शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन का भुगतान यूनिवर्सिटी एक्ट-60डी के तहत किया जा रहा था।
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उधर केएल डीएवी पीजी कॉलेज, रुड़की के शिक्षक पहली बार हाईकोर्ट नहीं गए हैं। साल 2022 में भी जब शिक्षकों का लंबे समय तक वेतन रोका गया था तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। तक कोर्ट ने प्रबंधन और नियंत्रक के विवाद को सुलझाने और जल्द वेतन का भुगतान करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के इस ऑर्डर के आधार पर ही अभी तक वेतन का भुगतान किया जा रहा था। उधर एमकेपी में नियुक्त हुए नियंत्रक पर तथाकथित महादेवी कन्या पाठशाला सोसायटी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
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वेतन के लिए शिक्षक कर चुके हैं आंदोलन
अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षक वेतन न मिलने से कई बार आंदोलन कर चुके हैं। इस बार भी करीब तीन महीने तक वेतन न मिलने से गुस्साए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ग्रूटा) समेत शिक्षक संगठनों ने आंदोलन करने के साथ परीक्षाओं का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद बीती 22 मई को बजट का शासनादेश जारी हुआ तो शिक्षकों ने राहत की सांस ली। लेकिन एमकेपी पीजी कॉलेज और केएल डीएवी के शिक्षकों व कर्मचारियों को फिर भी वेतन नहीं मिला।

वेतन भुगतान के संबंध में 10 से अधिक पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन शासन उन पत्रों को सिर्फ अनदेखा करने काम कर रहा था। चार महीने से वेतन न मिलने से शिक्षकों व कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं था। अब 10 जुलाई को कोर्ट में तारीख है।
-एमपी सिंह, प्राचार्य केएल डीएवी पीजी कॉलेज, रुड़की

महाविद्यालय के 45 शिक्षकों व कर्मचारियों को बीते चार महीने से वेतन नहीं मिला। मार्च फाइनल के बाद अब बच्चों के एडमिशन का समय है, लेकिन वेतन न मिलने से चिंता दोगुनी हो गई है। अगर अब भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो हम भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
- डॉ. सरिता कुमार, प्राचार्य, एमकेपी पीजी कॉलेज

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