लैंटाना : हजारों हैक्टेयर जंगल से हटेगी लैंटाना, बनेंगे चारागाह, रोजगार भी देगा और फर्नीचर भी
वन विभाग ने कैंपा के तहत इसी महीने से इस अभियान को शुरू करने का फैसला किया है।
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प्रदेश सरकार ने 11882.78 हैक्टेयर वन क्षेत्र में फैले लैंटाना को हटाकर वहां स्थानीय प्रजाति के चारागाह बनाने का फैसला किया है। लैंटाना हटाने के इस अभियान से पांच हजार स्थानीय लोगों को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि वन विभाग स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से उखाड़ी गई लैंटाना से फर्नीचर, कोयला व अन्य उत्पाद बनाने की संभावनाओं पर भी विचार करेगा।
वन विभाग ने कैंपा के तहत इसी महीने से इस अभियान को शुरू करने का फैसला किया है। प्रमुख वन संरक्षक(हॉफ) राजीव भरतरी ने इस संबंध में सभी प्रभागीय वनाधिकारी व संरक्षित क्षेत्रों के निदेशकों को कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। कैंपा के तहत इस योजना के लिए करीब 38 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
300 हेक्टेयर में एक घास नर्सरी
अभियान के तहत हर क्षेत्र में 300 हेक्टेयर क्षेत्र एक घास नर्सरी बनाई जाएगी। ऐसी 40 घास प्रजाति की नर्सियां स्थापित करने का लक्ष्य है। नर्सरी में स्थानीय प्रजाति की घास उगाई जाएगी। साथ ही फलदार पौधे लगाए जाएंगे। वनाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय प्रजाति की घास की पहचान के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें।
वन संरक्षक की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी
अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर कार्यों की निगरानी के लिए वन संरक्षक की अध्यक्षता में एक कमेटी बनेगी। कमेटी में स्थानीय स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्लायों के वस्पति विज्ञानी, स्थानीय गैर सरकारी संगठन, घास प्रजाति का ज्ञौन रखने वाले विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक मनोज चंद्रन को लैंटाना उन्मूलन कार्यक्रम का संयोजक बनाया गया है।
वनों से लैंटाना उन्मूलन की योजना अपनी जगह सही है। यह भी स्वागतयोग्य है कि इसे स्थानीय लोगों के रोजगार से जोड़ा गया है। लेकिन लैंटाना से फर्नीचर, कोयला, फैंसी आईटम बनाकर भी ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाई जा सकती है। विभाग को इस विकल्प के बारे में भी सोचना चाहिए। हैस्कों ने लैंटाना से फर्नीचर व अन्य उत्पाद बनाए हैं।
- डॉ. अनिल जोशी, संस्थापक हैस्को
अभी हमारी योजना लैंटाना को हटाकर उनके स्थाना पर स्थानीय प्रजाति की घास की नर्सरी तैयार करने की है। लेकिन स्थानीय स्तर पर उखाड़ी गई लैंटाना के दूसरे उपयोग कितने व्यावहारिक हो सकते हैं, इस संभावना पर हम विचार करेंगे। आवश्यकता पड़ी तो विशेषज्ञों और इस क्षेत्र में काम कर रही स्वयंसेवी संगठनों की मदद भी लेंगे।
- राजीव भरतरी, प्रमुख वन संरक्षक, उत्तराखंड
जंगलों से हटेगी लैंटाना, 5000 लोगों को मिलेगा रोजगार
देहरादून मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जंगलों में हजारों एकड़ क्षेत्रफल में फैली लैंटाना घास को हटाने के लिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए। इस योजना के लिए कैंपा के तहत 38 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। योजना के तहत 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। वे लैंटाना घास हटाने और उनकी जगह फलदार पौधे रोपने के अभियान में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग को निर्देश दिए कि लैंटाना व कुरी जैसी प्रजाति को वन क्षेत्र से हटाते हुए स्थानीय प्रजाति के घास, बांस व फलदार पौधों का रोपण करे। जंगलों की गुणवत्ता बढ़ाई जाए तथा वन्यजीवों की आवश्यकतानुसार वासस्थल विकसित किए जाएं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) राजीव भरतरी ने इस संबंध में सभी डीएफओ को निर्देश पत्र जारी कर दिया है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लैंटाना व कुरी केवन क्षेत्रों के हजारों एकड़ क्षेत्रफल में फैलाव से स्थानीय घास प्रजातियां प्रभावित हुई हैं। इन क्षेत्रों से लैंटाना व कुरी प्रजाति हटाने के लिए कार्य योजना तैयार कर घास नर्सरी बनाई जाए।
इसके लिए कैंपा परियोजना से 38 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों से लैंटाना प्रजाति को हटाकर उसकी जगह स्थानीय घास प्रजाति का रोपण किए जाने से लगभग पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ-साथ जंगल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।