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Landslide Management: उत्तराखंड में भूस्खलन प्रबंधन के लिए रोडमैप तैयार, पांच साल में धरातल पर उतरेगा

Wed, 17 Jan 2024 10:09 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 17 Jan 2024 10:09 PM IST
सार

भूस्खलन की दृष्टि से हिमालय के सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। इसमें उत्तराखंड भी शामिल है। ऐसे में उत्तराखंड में भूस्खलन से संबंधित शोध व अध्ययन के साथ ही उपचार के लिए अलग से यूएलएमएमसी बनाया गया है।

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Uttarakhand News Landslide Management Roadmap ready  will come on ground in five years
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र (यूएलएमएमसी) की स्थापना के लिए रोडमैप तैयार किया गया। आगामी पांच सालों में धरातल पर उतारा जाएगा। इस केंद्र के माध्यम से प्रदेश में होने वाले भूस्खलन की घटनाओं को रोकने, अध्ययन, प्रबंधन अंतरराष्ट्रीय मानकों पर वैज्ञानिक ढंग से किया जाएगा।

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सचिवालय में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि भूस्खलन की दृष्टि से हिमालय के सबसे संवेदनशील क्षेत्र है।
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इसमें उत्तराखंड भी शामिल है। ऐसे में उत्तराखंड में भूस्खलन से संबंधित शोध व अध्ययन के साथ ही उपचार के लिए अलग से यूएलएमएमसी बनाया गया है। अब इसे विश्वस्तरीय बनाने के लिए हम सब को मिलकर कार्य करना है। जिससे प्रदेश के साथ ही देश व विदेशों में भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों के लिए तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
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विश्व स्तर पर भूस्खलन प्रबंधन में कार्य कर रहे संस्थानों के साथ सहभागिता कर के अपनी-अपनी तकनीक और शोध डाटा का आदान-प्रदान कर भूस्खलन न्यूनीकरण और प्रबंधन की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। भूस्खलन की शिक्षा और शोध कार्यों से जुड़े संस्थानों के छात्रों को अपने संस्थान में इंटर्नशिप का प्रावधान रखा जाए। मुख्य सचिव ने वानिकी अनुसंधान संस्थान (एफआरआई), वन विभाग और यूएलएमएमसी के मध्य आपसी सहयोग के लिए एमओयू करने के निर्देश दिए। जिससे एफआरआई के सहयोग से ऐसे पौधों की प्रजातियों के उगाने में सहयोग लिया जा सके, जो भूस्खलन रोकने में सक्षम हैं।

यूएलएमएमसी की ओर से किए गए अध्ययनों के माध्यम से एक डिजिटल मैप तैयार किया जाए। जिससे आवश्यकता पड़ने पर किसी भी विभाग को इसमें से किसी भी प्रकार की जानकारी हासिल करनी हो एक क्लिक में उपलब्ध हो सके। बैठक के दौरान यूएलएमएमसी के निदेशक शांतनु सरकार ने यूएलएमएमसी के अगले पांच वर्षों का रोडमैप मुख्य सचिव के समक्ष रखा। इस मौके पर सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, विनीत कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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