Joshimath Sinking: तीन जोन में बंटा भू-धंसाव वाला क्षेत्र, एक कंपनी पीएसी और पुलिस फोर्स जोशीमठ रवाना
राहत एवं बचाव कार्य के लिए एक कंपनी पीएसी रवाना की गई है। करीब 80 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी जोशीमठ भेजा गया है।
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जोशीमठ में भू-धंसाव वाले इलाके को तीन जोन में बांटा गया है। पहला डेंजर जोन है। यहां मकानों में मोटी दरारें आई हैं। घरों को खाली कराया जा रहा है। दूसरा बफर जोन है। यहां दरारें पतली हैं और बड़ी होने की आशंका है। यहां के घरों को डेंजर जोन के बाद खाली कराया जाएगा। तीसरा सेफ जोन है। यहां के घरों को फिलहाल खाली कराने की जरूरत नहीं है।
वहीं, राहत एवं बचाव कार्य के लिए एक कंपनी पीएसी रवाना की गई है। करीब 80 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी जोशीमठ भेजा गया है। डीजीपी ने एसडीआरएफ कमांडेंट और एसपी चमोली को जोशीमठ में ही कैंप करने के निर्देश दिए हैं। ताकि, राहत एवं बचाव कार्य गहन निगरानी की जा सके।
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डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि जोशीमठ में एसडीआरएफ की दो टीमें पहले से तैनात थीं। इसके बाद दो और टीमों को भेजा गया था। एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट में पूरी बटालियन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन के आग्रह पर जोशीमठ में एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच चुकी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ मिलकर लोगों को शिफ्ट कर रही है।
जरूरत पड़ने पर भेजी जाएंगी और टीमें
एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा और एसपी चमोली परमेंद्र डोबाल जोशीमठ में ही शिविर लगाए हुए हैं। उन्हें राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने तक वहीं रहने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ी तो जौलीग्रांट से एसडीआरएफ की और टीमें भेजी जाएंगी।
सुरक्षा व्यवस्था और अन्य कामों में मदद के लिए पीएसी की एक कंपनी जोशीमठ भेजी गई है। मामले में मुख्यालय स्तर पर रोजाना समीक्षा की जा रही है। इसके लिए आईजी एसडीआरएफ भी लगातार मॉनीटरिंग कर रही हैं।