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उत्तराखंड: ग्रामीण क्षेत्रों में बनेंगे कांजी हाउस, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने की योजना की शुरुआत
Mon, 05 Dec 2022 11:36 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 05 Dec 2022 11:36 PM IST
सार
पशुपालन निदेशालय में विभागीय मंत्री ने गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से प्रदेश में संचालित 39 गो सदनों को गोवंश भरण पोषण के लिए 10. 48 करोड़ की राशि के चेक वितरित किए।
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सौरभ बहुगुणा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि लावारिस पशुओं को आश्रय देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग के माध्यम से कांजी हाउस गोशाला शरणालय बनाए जाएंगे। वहीं, निकाय क्षेत्रों में शहरी विकास की ओर से कांजी हाउस बनाने की योजना शुरू की गई है।
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सोमवार को पशुपालन निदेशालय में विभागीय मंत्री ने गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से प्रदेश में संचालित 39 गो सदनों को गोवंश भरण पोषण के लिए 10. 48 करोड़ की राशि के चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त गोसदनों के लिए सरकार ने अनुदान राशि में छह गुना की बढ़ोतरी की है। इसमें पहले 5.40 रुपये अनुदान राशि दी जाती है, अब 30 रुपये प्रति पशु के हिसाब से दिया जा रहा है। उन्होंने गैर सरकारी गो कल्याण संस्थाओं से आग्रह किया कि जनसहयोग, गोबर, गोमूत्र के माध्यम से आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की जाए।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में लावारिस पशुओं की गंभीर समस्या है। इसके समाधान के लिए सरकार जल्द ही ग्राम्य गो सेवक योजना शुरू करने जा रही है, जिसमें कोई भी व्यक्ति देखभाल के लिए अधिकतम पांच पशुओं को आश्रय दे सकता है। गो सेवक को प्रति पशु 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाएगा।
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इस मौके पर उत्तराखंड गो सेवा आयोग के अध्यक्ष पंडित राजेंद्र अणथ्वाल, उपाध्यक्ष राजीव गुप्ता, निदेशक डॉ. प्रेम कुमार, अपर निदेशक डॉ. लोकेश कुमार, संयुक्त निदेशक डॉ. डीसी गुरुरानी, डॉ. नीरज सिंघल, डॉ. शरद भंडारी, डॉ. रमेश निवाल, उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के सीईओ डॉ. राकेश नेगी आदि मौजूद थे।