फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News High Court angry on education officer sting case Investigation not completed even in two year

उत्तराखंड: दो साल में भी पूरी नहीं हुई शिक्षा अधिकारियों के स्टिंग प्रकरण की जांच, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

Wed, 04 Oct 2023 02:29 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 04 Oct 2023 02:29 PM IST
सार

सितंबर 2018 में पौड़ी के तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों का कथित स्टिंग हुआ था। इसमें एक कॉलेज में अपने संबंधी की नियुक्ति करने व घूस लेने की वार्ता है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

विज्ञापन
Uttarakhand News High Court angry on education officer sting case Investigation not completed even in two year
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने पौड़ी जिले के शिक्षा अधिकारियों का सितंबर 2018 में हुए स्टिंग प्रकरण की जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वह मामले की जांच कर तीन सप्ताह में अपना व्यक्तिगत शपथपत्र पेश करें। कोर्ट ने पूछा कि जो अधिकारी इसमें शामिल हैं उन पर क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष पौड़ी निवासी पुष्कर सिंह की याचिका पर सुनवाई हुई।

विज्ञापन


सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से पूछा कि मामले की जांच की क्या स्थिति है। इस पर सरकार की ओर से बताया गया कि जाचं चल रही है। कोर्ट ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 2022 में इस मामले में मुकदमा दर्ज हो चुका है और दो साल पूरे होने को हैं, लेकिन अभी तक जांच क्यों पूरी नहीं हो पाई।
विज्ञापन


निवेशक सम्मेलन: दिल्ली में सीएम धामी का रोड शो, जेएसडब्ल्यू एनर्जी लि. के साथ किया 15 हजार करोड़ का एमओयू
विज्ञापन
विज्ञापन


यह था मामला
सितंबर 2018 में पौड़ी के तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों का कथित स्टिंग हुआ था। इसमें एक कॉलेज में अपने संबंधी की नियुक्ति करने व घूस लेने की वार्ता है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। कुछ अखबारों ने भी इसे प्रकाशित किया था। इस मामले की जांच के लिए उच्चाधिकारियों को प्रार्थनापत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनहित याचिका में तत्कालीन मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत, हरे राम यादव, प्रबंधक उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटगढ़ पौड़ी, मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पटल सहायक अनिल नेगी सहित सरकार को पक्षकार बनाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed