उत्तराखंड: कुमाऊं मंडल में एम्स खोलने की उठाई मांग, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिले धन सिंह रावत
स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि ऋषिकेश एम्स से गढ़वाल क्षेत्र के लोगों में बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है। इसी तर्ज पर कुमाऊं मंडल में भी एम्स संस्थान खोला जाए।
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने कुमाऊं मंडल के लिए एम्स खोलने की मांग रखी। उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और आगामी योजनाओं पर विचार विमर्श किया।
कुमाऊं मंडल में भी एम्स संस्थान खोला जाए
स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से कहा कि केंद्र सरकार ने ऋषिकेश एम्स स्थापित किया है। इससे गढ़वाल क्षेत्र के लोगों में बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है। इसी तर्ज पर कुमाऊं मंडल में भी एम्स संस्थान खोला जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से क्षेत्रीय कुमाऊं मंडल क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उच्च स्तरीय अस्पताल की मांग कर रहे हैं। इसकी पूर्ति एम्स खुलने से ही की जा सकती है।
उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित योजनाओं के बारे में केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी। सरकार ने कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर के रोकथाम की तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। जिसके तहत पूर्व से संचालित तीन मेडिकल कॉलेजों ने भी कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की रोकथाम के लिए पूरी तैयार कर रखी है। इसके अलावा राज्य में चार नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, स्वास्थ्य केंद्रों के उच्चीकरण पर काम चल रहा है।
प्रदेश में वैक्सीनेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। जिसके तहत अब तक राज्य के एक करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। राज्य में दिसंबर माह तक शतप्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस मौके पर स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी, दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना भी मौजूद थे।
देहरादून: गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को मिली आई कलेक्शन सेंटर की मान्यता
राष्ट्रीय दृष्टिविहिनता कार्यक्रम के तहत राजकीय महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय देहरादून को आई कलेक्शनर सेंटर (नेत्र संकलन केंद्र) संचालित करने की मान्यता मिल गई है। एक नवंबर 2021 से यह सेंटर शुरू होगा। इससे नेत्र प्रत्यारोपण और नेत्र दान के क्षेत्र में विशेष लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि सरकार की ओर से गठित समिति के कॉर्निया तकनीकी विशेषज्ञ ने महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय में आई कलेक्शन सेंटर की अनुमति दे दी है। इस सेंटर में नेत्र संकलन किया जाएगा। जबकि एम्स ऋषिकेश और हिमालयन हास्पिटल जौलीग्रांट के नेत्र बैंक में आईबॉल को निर्धारित समय अवधि के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
डॉ. नैथानी के अनुसार उत्तराखंड में 40 हजार लोग अंधता से ग्रसित हैं। जिसमें सबसे अधिक लोग मोतियाबिंद के शिकार हैं। जबकि कॉर्निया संबंधित अंधता का प्रतिशत 0.9 प्रतिशत है। वर्तमान में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के तहत पहली बार महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को आई कलेक्शन सेंटर की मंजूरी मिली है। जबकि राजकीय मेडिकल हल्द्वानी में नेत्र बैंक संचालित करने का कार्य चल रहा है।
उन्होंने बताया कि देश में प्रति वर्ष तीन से चार लाख लोगों को कॉर्निया प्रत्यारोपण किया जाना है लेकिन 50 हजार लोगों को प्रत्यारोपण हो पाता है। जागरूकता के अभाव में नेत्रदान नहीं होता है। जिससे कॉर्निया प्रत्यारोपण के मरीजों की संख्या 20 से 30 हजार प्रतिवर्ष बढ़ जाती है।