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Uttarakhand: राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को वापस लेगी सरकार, मिली सैद्धांतिक सहमति

Tue, 16 May 2023 02:33 PM IST
अलका त्यागी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 16 May 2023 02:33 PM IST
सार

यह राज्य का पहला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम है, जिसे कुछ शर्तों के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी को लीज पर दिया गया।

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Uttarakhand News: Government will take back Rajiv Gandhi International Cricket Stadium
राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड के पहले राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को 30 साल के लिए लीज पर देने के बाद सरकार अब इसे वापस लेगी। विभाग को इसके लिए सरकार से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी ने तय सेवा शर्तों को पूरा नहीं किया। यही वजह है कि स्टेडियम को वापस लिया जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर इसे कैबिनेट में लाया जाएगा।

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खेल विभाग के निदेशक जितेंद्र सोनकर के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में करीब 253 करोड़ रुपये की लागत से इस स्टेडियम का निर्माण किया गया था। यह राज्य का पहला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम है, जिसे कुछ शर्तों के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी को लीज पर दिया गया। यह कंपनी देश की प्रमुख अवसंरचना विकास और वित्त कंपनी है। सरकारी क्षेत्र की इस कंपनी की 40 सहायक कंपनियां हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को लीज पर लेने के बाद कंपनी का दिवालिया निकल गया और उसने सेवा शर्तों को पूरा नहीं किया।
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कंपनी की ओर से एक ऐसा खाता खोला जाना था, जिसमें जमा धनराशि को बिना सहमति के निकाला नहीं जा सकता था, लेकिन खाता नहीं खोला गया। कंपनी को स्टेडियम परिसर में 2.8 एकड़ भूमि पर खेल अवस्थापनाओं के विकास के लिए दी गई थी, इसे भी नहीं किया गया। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज में आइस स्केटिंग रिंक को संचालित किया जाना था, इसे भी शुरू नहीं किया गया।

साढ़े सात प्रतिशत ग्रॉस राजस्व पर दिए इस स्टेडियम को लेकर जो सेवा शर्तें थीं उसे पूरा न किए जाने से करोड़ों की लागत से बने इस स्टेडियम का ठीक से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्टेडियम को वापस लेने और इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाने की मंजूरी मिली है।

अफगानिस्तान ने बताया था स्टेडियम को होमग्राउंड
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम देहरादून को वर्ष 2018 में होमग्राउंड के तौर पर अपनाया था। उस दौरान यहां टी-20 कई अंतरराष्ट्रीय मैच हुए। इसके अलावा क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने भी स्टेडियम को होमग्राउंड के रूप में चुना था।

करोड़ों की लागत से बना स्टेडियम बदहाल
करोड़ों की लागत से बना स्टेडियम अब बदहाल है। स्टेडियम की कुर्सियां टूटी हुई हैं। मैदान में घास उग आई है। सही देखरेख न होने से जगह-जगह धूल और मकड़ी के जाले बने हैं।

सरकार स्टेडियम को वापस ले रही है। इसके बाद पीपीपी मोड में दिया जाएगा। संबंधित कंपनी से जो लेनदेन है उसे कैबिनेट में लाया जाएगा।
- रेखा आर्य, खेल मंत्री

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