{"_id":"61efac75a77e1562fc227b44","slug":"uttarakhand-news-government-removed-mrityunjay-mishra-from-ayurveda-university","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: मृत्युंजय मिश्रा को शासन ने आयुर्वेद विवि से हटाया, एक महीने का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: मृत्युंजय मिश्रा को शासन ने आयुर्वेद विवि से हटाया, एक महीने का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए
Tue, 25 Jan 2022 01:25 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 25 Jan 2022 01:25 PM IST
सार
मृत्युुंजय मिश्रा को 28 दिसंबर को शासन ने आयुर्वेद विवि में बतौर कुलसचिव बहाल किया था। उन्होंने कुलपति से आनाकानी के बीच कार्यभार भी ग्रहण कर लिया था।
विज्ञापन
उत्तराखंड आयुर्वेद विवि
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विजिलेंस जांच के शिकंजे में फंसे डॉ. मृत्युंजय मिश्रा को शासन ने आयुर्वेद विवि कुलसचिव पद से हटा दिया है। उन्हें आयुष सचिव के पास संबद्ध कर दिया गया है। मिश्रा, विवि में एक माह का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए।
विज्ञापन
दरअसल, मृत्युुंजय मिश्रा को 28 दिसंबर को शासन ने आयुर्वेद विवि में बतौर कुलसचिव बहाल किया था। उन्होंने कुलपति से आनाकानी के बीच कार्यभार भी ग्रहण कर लिया था। इस बीच शासन ने उप कुलसचिव डॉ. राजेश अदाना को बनाया और फिर हाईकोर्ट में चल रहे वाद के चलते हटाना को हटा दिया। बावजूद इसके मृत्युंजय मिश्रा और कुलपति प्रो. सुनील जोशी के बीच लगातार तनातनी का माहौल था।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. जोशी शासन को उन्हें हटाने के लिए पत्र भी भेज चुके थे। मंगलवार को मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने आदेश जारी करते हुए मिश्रा को आयुर्वेद विवि के कुलसचिव पद से हटा दिया। मुख्य सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि विवि में चल रहे प्रशासनिक गतिरोध को समाप्त करने और शासकीय कार्य को सुचारु करने के उद्देश्य से मिश्रा को कुलसचिव पद से हटाकर अग्रिम आदेशों तक सचिव आयुष के कार्यालय में संबद्ध किया जाता है।
विज्ञापन
उनकी जगह फिलहाल शासन ने गुरुकुल परिसर के निदेशक डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी को बतौर कार्यवाहक कुलसचिव जिम्मेदारी सौंपी है। 28 दिसंबर को कुलसचिव पद पर बहाल हुए मिश्रा इस पद पर एक माह भी पूरा नहीं कर पाए।