उत्तराखंड: कोविड काल में वर्केशन के लिए करें देवभूमि का रुख, पर्यटक स्थलों पर मिलेंगी ये सुविधा
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने प्रदेश के तमाम पर्यटन स्थलों पर वर्केशन की उम्दा व्यवस्था विकसित की है।
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कोविड प्रोटोकॉल में घर से ही काम करने वालों के पास वर्केशन के लिए उत्तराखंड आने का बेहतर विकल्प है। लंबे समय तक घर में रहकर जो लोग ऊब गए हैं और छुट्टी लेकर कहीं जाने की स्थिति में नहीं हैं तो घबराइए नहीं।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने प्रदेश के तमाम पर्यटन स्थलों पर वर्केशन की उम्दा व्यवस्था विकसित की है। प्रदेश की सुरम्य वादियों का नजारा, समृद्धि संस्कृति, खान-पान का लुत्फ उठा कर वर्केशन कर सकते हैं। इसके लिए होम स्टे का सबसे बढ़िया विकल्प है।
बीते साल से लॉकडाउन लागू होने से वर्केशन का विचार प्रचलन में आया है। जिसमें दूसरे राज्यों के लोग परिवार के साथ वर्केशन के लिए उत्तराखंड आए थे। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने नैनीताल, मुक्तेश्वर, नौकुचियाताल, कौसानी, रानीखेत, अल्मोड़ा, देहरादून, मसूरी, धनौल्टी, कानाताल, टिहरी, ऋषिकेश, नरेंद्र नगर, टिहरी, लैंसडौन, रुद्रप्रयाग जिले के कई पर्यटक स्थलों को वर्केशन के लिए चिन्हित किया है। जहां होमस्टे में इंटरनेट की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध है।
रुद्रप्रयाग के होमस्टे संचालक संजय भट्ट ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा के तमाम इंतजाम करते हुए ही हम होम स्टे में अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इसके साथ स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए भी हम पर्यटकों की मदद कर रहे हैं।
पर्यटक कर रहे पूछताछ
क्षेत्र में नेटवर्क कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए होमस्टे के बारे में पूछताछ करने वाले पर्यटकों के साथ तस्वीरें साझा करते हैं। होमस्टे में सप्ताह भर से लेकर एक महीने तक रहने वाले पर्यटक पूछताछ कर रहे हैं।
राज्य के गांवों से पलायन रोकने को रोजगार के लिए 2016 में होमस्टे योजना शुरू की थी। जिसके लिए गांव में घरों को होमस्टे में तब्दील कर वहां पर्यटकों के रहने की व्यवस्था की गई है। उत्तराखंड में आकर वर्क फ्रॉम होम करने वालों को वर्केशन के तहत घर जैसा वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। जहां उन्हें पारंपरिक व्यंजन परोसे जाते हैं। जिससे देश दुनिया के लोग उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू होते हैं।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री
होम स्टे में योग, ध्यान, पंचकर्म जैसी वेलनेस से जुड़ी गतिविधियां शुरू करने के साथ ही इन्हें मौजूदा परिस्थितियों के दृष्टिगत कंपनियों, संस्थाओं समेत अन्य लोगों को वर्कफ्रॉम होम के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। होम स्टे पर्यटकों के रुकने के लिए उस सुविधा का नाम है, जहां पर पर्यटक किसी होटल या लॉज में न रुककर किसी ऐसे स्थानीय व्यक्ति के घर पर रुक सकते हैं जो ट्रेवल की सुविधा प्रदान करता हो। होम स्टे पर्यटकों को उनके डेस्टिनेशन को करीब से समझने का मौका देता है। अगर आप सिर्फ घर का खाना पसंद करते हैं तो होम स्टे से बेहतर कुछ नहीं हो सकता है। यहां आप अपनी पसंद से खाना बनवा सकते हैं और स्थानीय स्वाद का लुत्फ भी उठा सकते हैं।
- दिलीप जावलकर, पर्यटन सचिव