उत्तराखंड: दाखिलों के लिए बुधवार से खुलेंगे सरकारी एवं निजी महाविद्यालय
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.पीके पाठक के मुताबिक समस्त महाविद्यालयों में संस्थागत छात्र-छात्राओं को मास्क अनिवार्य रूप से पहनकर आना होगा।
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उत्तराखंड में छात्र-छात्राओं के दाखिलों और कुछ में परीक्षाओं को लेकर बुधवार एक सितंबर से सभी सरकारी एवं निजी महाविद्यालय खुल जाएंगे। शासन की ओर से इस संबंध में एसओपी जारी किए जाने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.पीके पाठक के मुताबिक समस्त महाविद्यालयों में संस्थागत छात्र-छात्राओं को मास्क अनिवार्य रूप से पहनकर आना होगा। जबकि एक अक्तूबर से महाविद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र शुरू होगा। उच्च शिक्षा निदेशक ने कहा कि अधिकतर महाविद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों का वैक्सीनेशन करा लिया गया है।
महाविद्यालयों को सैनिटाइज किया गया है। यह प्रक्रिया प्रतिदिन नियमित रूप से की जानी है। महाविद्यालय भवन के मुख्य द्वार पर सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
किसी भी शिक्षक, कर्मचारी, छात्र को खांसी, जुकाम, बुखार के लक्षण होने पर प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक ने कहा कि कल से छात्र-छात्राओं को नए प्रवेश पत्र, नामांकन और प्रवेश प्रक्रिया के लिए महाविद्यालयों को खोला जा रहा है। कुछ महाविद्यालयों में सेमेस्टर और अंतिम वर्ष की परीक्षाएं भी एक सितंबर से शुरू हो रही हैं।
प्रदेश में एक सितंबर से शुरू होगा प्रवेशोत्सव अभियान
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि प्रदेश में एक सितंबर से प्रवेशोत्सव अभियान शुरू होगा। अभियान के तहत अधिक से अधिक बच्चों के एडमिशन के प्रयास किए जाएं। वर्चुअल माध्यम से विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मंत्री ने कहा कि जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी अटल उत्कृष्ट स्कूलों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। निदेशालय से अधिकारियों को विभिन्न जिलों में भेजकर सूचना का सत्यापन करवाया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों में एनसीआरटी पाठ्य पुस्तकों के साथ संदर्भ किताबों के नाम पर कोई महंगी किताब न लगाई जाए। कोई स्कूल ऐसा न कर पाएं, विभागीय अधिकारी इस पर भी ध्यान दें। मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बना रहे, इसके लिए सभी को निरंतर प्रयास करने होंगे। शिक्षक अभिभावकों से निरंतर संवाद करें। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में एक सितंबर से शुरू होने वाला प्रवेशोत्सव 15 सितंबर तक चलेगा।
अन्य स्कूल भी बनेंगे अटल उत्कृष्ट स्कूल
बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिलों में अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेजों के अलावा अन्य ऐसे स्कूल जो सीबीएसई के मानकों को पूरा करते हैं। उन स्कूलों को दूसरे चरण में अटल उत्कृष्ट स्कूलों के रूप में विकसित किया जाएगा। जिन अटल उत्कृष्ट स्कूलों को लेकर भ्रामक प्रचार हो रहा है संबंधित जनपद व विकास खंड स्तरीय अधिकारी उस स्कूल में जाकर उसका निवारण करें। एक सप्ताह के अंतर्गत फीडर स्कूलों में भी सुधार करें।