उत्तराखंड: सिर्फ तीन किलोमीटर दूर सीएम आवास, मगर कागजों में कर रहे जंगल में निवास
मंगलवार को गल्जवाड़ी गांव के लोग ग्राम प्रधान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, लेकिन उनके सामने ही सीएम धामी पहले से तय कार्यक्रम में हिस्सा लेने निकल गए।
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मुख्यमंत्री आवास सिर्फ तीन किलोमीटर दूर गल्जवाड़ी गांव सरकारी कागजों में आज भी जंगल के रूप में दर्ज है। इस गांव में छह हजार की आबादी है, पक्के मकान हैं, बिजली के कनेक्शन हैं और ग्राम प्रधान भी लेकिन अब तक न तो इसे आबादी क्षेत्र घोषित किया गया है और ही यहां जमीनों का विनियमितीकरण हो सका है।
यथोचित समाधान का आश्वासन
इसी मांग को लेकर मंगलवार को गल्जवाड़ी गांव के लोग ग्राम प्रधान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, लेकिन उनके सामने ही सीएम धामी पहले से तय कार्यक्रम में हिस्सा लेने निकल गए। मामला पता चलने पर उन्होंने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल को कार भेजकर परेड ग्राउंड बुलवाया और वहां वार्ता के बाद कैबिनेट में प्रस्ताव रखने और यथोचित समाधान का आश्वासन दिया।
दरअसल, आजादी से पहले बसा गल्जवाडी गांव अभी भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं है। राजस्व अभिलेखों में गांव के स्थान पर यहां जंगल और बंजर जमीन दर्शाई गई है। वर्तमान में गांव में बिजली- पानी से लेकर तमाम सुविधाएं हैं, लेकिन आबादी क्षेत्र घोषित न होने के कारण ग्रामीणों को काफी समस्याओं से जूझना पड़ता है। ग्रामीण वर्षों से गांव को आबादी क्षेत्र घोषित करने और जमीनों का विनियमितीकरण करने की मांग रहे हैं। हालांकि इस मामले में राजस्व विभाग ने होमवर्क पूरा कर दिया है और गांव में जमीनों के नए नंबर भी आवंटित कर दिए है, लेकिन अभी तक इस संबंध में अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है।
मंगलवार को ग्राम प्रधान के साथ दो दर्जन से अधिक ग्राीण मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचे लेकिन पहले से तय कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मुख्यमंत्री परेड ग्राउंड के लिए रवाना हो गए। नाराज होकर ग्रामीण वहीं धरने पर बैठ गए। मुख्यमंत्री आवास के गेट पर धरने की सूचना पर सुरक्षा कर्मियों और पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए।
सूचना सीएम तक पहुंची तो उन्होंने कार्यक्रम स्थल से ही एक वाहन भिजवाकर ग्रामीणों को परेड ग्राउंड में बुलवा लिया। इसके बाद ग्राम प्रधान लीला शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपना मांग पत्र सौंपा तो उन्होंने कैबिनेट में प्रस्ताव रखने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान गल्जवाड़ी लीला शर्मा, क्षेत्र पंचायत सदस्य गल्ज्वाड़ी जोति ढकाल, सीता देवी, देवा क्षेत्री, कोपिला, रेखा, दीपा, विमला, ईश्वर प्रसाद, गीता आदि मौजूद रहे।