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उत्तराखंड: नवजात मृत्यु दर में सुधार, टॉप-10 राज्यों में आठवें पायदान पर प्रदेश का नाम

Wed, 27 Oct 2021 11:05 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 27 Oct 2021 11:05 AM IST
सार

रजिस्ट्रार जनरल सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) ने रिपोर्ट जारी की है। इसमें प्रति एक हजार शिशु मृत्यु दर का राष्ट्रीय औसत 30 बताया गया है जबकि उत्तराखंड का औसत 27 दर्ज किया गया है।

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uttarakhand news : Four points decline in neonatal mortality, state's name at eighth position in top-10 states
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जन्म के वक्त नवजातों की मौत के मामले में उत्तराखंड ने सुधार दर्ज किया है। जिससे उत्तराखंड का स्थान देश के टॉप-10 राज्यों में आठवें पायदान पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय औसत के मुकाबले, उत्तराखंड का औसत तीन अंक नीचे आ गया है।

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पहले प्रति एक हजार पर होती थी 31 नवजातों की मृत्यु
एनएचएम की मिशन निदेशक सोनिका ने बताया कि हाल ही में रजिस्ट्रार जनरल सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) ने रिपोर्ट जारी की है। इसमें प्रति एक हजार शिशु मृत्यु दर का राष्ट्रीय औसत 30 बताया गया है जबकि उत्तराखंड का औसत 27 दर्ज किया गया है। पहले यह 31 था, जिसमें चार अंकों की गिरावट आई है। यानी पहले प्रति एक हजार पर 31 नवजातों की मृत्यु होती थी जो आंकड़ा घटकर 27 पर आ गया है। 
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मिशन निदेशक सोनिका के मुताबिक, निश्चित तौर पर यह राज्य में लगातार बेहतर हो रही स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर इशारा कर रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन की ओर से शिशु स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायतीराज विभाग के साथ निरंतर समन्वय करते हुए शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं उन्हें प्रभावी बनाने की रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव के लिए सभी सेवाओं को बेहतर बनाया गया है। 
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इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती और बच्चों के टीकाकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रसव के बाद शिशु की विशेष देखभाल के लिए हल्द्वानी और रुद्रपुर में दो नए न्यू बोर्न केयर यूनिट स्थापित किए गए हैं। पांच अतिरिक्त एसएनसीयू वर्ष 2022 तक संचालित हो जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से 104 हेल्पलाइन को विशेषकर महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए प्रभावी बनाया गया है। इसमें तैनात 16 कर्मचारी गर्भवती महिलाओं से संपर्क रखते हुए सुरक्षित प्रसव की निगरानी कर रहे हैं। मिशन ने राज्य के प्रमुख चिकित्सालयों में पांच शिशु रोग विशेषज्ञों की भी तैनाती की है।

शिशु मृत्यु दर वाले शीर्ष-10 राज्य

राज्य का नाम - शिशु मृत्यु दर (प्रति हजार)
1- मध्य प्रदेश - 46
2- उत्तर प्रदेश - 41
3- असम- 40
3- छत्तीसगढ़ - 40
4- उड़ीसा - 38
5- राजस्थान- 35
6- मिजोरम- 33
7- बिहार- 29
7- अरुणाचल प्रदेश- 29
8- उत्तराखंड - 27
8- हरियाणा - 27
8- झारखंड - 27
9- आंध्र प्रदेश - 25
9- गुजरात - 25
10- तेलंगाना - 23 
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