{"_id":"5f8d1393578236003539705f","slug":"uttarakhand-news-food-sampling-also-be-start-in-dehradun-from-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद आज से देहरादून में भी शुरू की जाएगी खाद्य सैंपलिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद आज से देहरादून में भी शुरू की जाएगी खाद्य सैंपलिंग
Mon, 19 Oct 2020 11:10 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 19 Oct 2020 11:10 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
रुड़की में कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने के बाद दून में भी अब खाद्य सुरक्षा विभाग सतर्क होने के दावे कर रहा है। हालांकि, त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद भी विभाग ने अब तक कार्रवाई शुरू नहीं की है।
रुड़की में कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने के बाद 50 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ने पर दून में विभाग के अधिकारी सकते में हैं। दरअसल, कुट्टू को फल माने जाने की वजह से व्रत के समय कई लोग इसके आटे से बनी चीजें खाते हैं। शारदीय नवरात्र व्रत के चलते कुट्टू के आटे की बिक्री बढ़ना स्वाभाविक है।
जिला अभिहित अधिकारी जीसी कंडवाल ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में तीन टीमें बनाकर उन्हें कुट्टू के आटे समेत खाद्य पदार्थों के सैंपल भरने के निर्देश दिए हैं। इनमें एक टीम विकासनगर व सहसपुर, दूसरी ऋषिकेश व डोईवाला और तीसरी देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अभियान चलाएगी। जिला अभिहित अधिकारी का कहना है कि विभागीय टीमें सोमवार से शहर व आसपास अभियान चलाएंगी।
विज्ञापन
क्या है कुट्टू
कुट्टू को पहाड़ी बोली में ओगल भी कहा जाता है। इंग्लिश में इसे बकवीट कहते हैं। कुट्टू में पर्याप्त मात्रा में आयरन, सेलीमन व ग्लूटन होता है। कुट्टू का आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह फाइबर और मिनरल से भरपूर होता है।
इन बातों का रखें ख्याल
- खुले में रखा आटा न लें
- अगर आटे में फंगस लगी है तो उसे न लें
- अपने किसी परिचित या जानने वाले दुकानदार से ही लेने की कोशिश करें
- आटे में थोड़ा भी नमी लगे तो इसका इस्तेमाल न करें
- इसे खाने से अगर थोड़ा भी तबीयत खराब लगे तो इसे खाना बंद कर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
विज्ञापन
रुड़की में कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने के बाद 50 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ने पर दून में विभाग के अधिकारी सकते में हैं। दरअसल, कुट्टू को फल माने जाने की वजह से व्रत के समय कई लोग इसके आटे से बनी चीजें खाते हैं। शारदीय नवरात्र व्रत के चलते कुट्टू के आटे की बिक्री बढ़ना स्वाभाविक है।
विज्ञापन
जिला अभिहित अधिकारी जीसी कंडवाल ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में तीन टीमें बनाकर उन्हें कुट्टू के आटे समेत खाद्य पदार्थों के सैंपल भरने के निर्देश दिए हैं। इनमें एक टीम विकासनगर व सहसपुर, दूसरी ऋषिकेश व डोईवाला और तीसरी देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अभियान चलाएगी। जिला अभिहित अधिकारी का कहना है कि विभागीय टीमें सोमवार से शहर व आसपास अभियान चलाएंगी।
विज्ञापन
क्या है कुट्टू
कुट्टू को पहाड़ी बोली में ओगल भी कहा जाता है। इंग्लिश में इसे बकवीट कहते हैं। कुट्टू में पर्याप्त मात्रा में आयरन, सेलीमन व ग्लूटन होता है। कुट्टू का आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह फाइबर और मिनरल से भरपूर होता है।
इन बातों का रखें ख्याल
- खुले में रखा आटा न लें
- अगर आटे में फंगस लगी है तो उसे न लें
- अपने किसी परिचित या जानने वाले दुकानदार से ही लेने की कोशिश करें
- आटे में थोड़ा भी नमी लगे तो इसका इस्तेमाल न करें
- इसे खाने से अगर थोड़ा भी तबीयत खराब लगे तो इसे खाना बंद कर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।