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उत्तराखंड: गोल्डन कार्ड की खामियां होंगी दूर, शिथिलीकरण का मिलेगा लाभ, सीएम ने दिया आश्वासन

Wed, 29 Sep 2021 10:14 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 29 Sep 2021 10:14 AM IST
सार

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड सचिवालय संघ की प्रमुख मांगों को विस्तार से सुनते हुए गोल्डन कार्ड, शिथिलीकरण नियमावली और सचिवालय संघ की प्रमुख मांगों पर अपेक्षित निर्णय कराने का आश्वासन दिया।

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uttarakhand news: flaws of golden card will be solve soon, relaxation benefit will be given
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड सचिवालय संघ की ओर से लगातार की जा रही गोल्डन कार्ड की खामियों को दूर करने की मांग पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी सहमत हो गए हैं। वहीं, उन्होंने शिथिलीकरण का लाभ देने सहित पति-पत्नी के सरकारी सेवा में दोनों को मकान किराया भत्ता जैसी मांगों पर भी जल्द फैैसला लेने का ठोस आश्वासन दिया है। अब चरणबद्ध आंदोलन चला रहे सचिवालय संघ ने बुधवार को सुबह दस बजे बैठक बुलाई है, जिसमें आंदोलन पर निर्णय होगा।

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दीपक जोशी ने अपनी मांगों पर सभी तथ्य और आधार प्रस्तुत किए
मंगलवार को शाम चार बजे अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में कार्मिक, वित्त, सचिवालय प्रशासन विभाग, चिकित्सा विभाग एवं राज्य सम्पत्ति विभाग के उच्चाधिकारियों की उपस्थिति में संघ के पदाधिकारियोें के साथ मुख्य सचिव सभागार में बैठक हुई। करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने अपनी मांगों पर सभी तथ्य और आधार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि जनवरी से सभी कार्मिकों और पेंशनरों से गोल्डन कार्ड योजना के लिए कटौती की जा रही है। वह लगातार सीजीएचएस की दरों पर इसे संचालित करने की मांग कर रहे हैं।
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लंबे समय से चिकित्सा प्रतिपूर्ति के दावों का भुगतान न होने और गोल्डन कार्ड की खामियों पर आक्रोश जताया। मामले में सचिव चिकित्सा को सभी विभागों में कार्मिकों के जनवरी से लंबित चिकित्स दावों का भुगतान एक सप्ताह में करने के लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को निर्देश देने के लिए कहा गया। सचिवालय संघ की 14 सूत्रीय मांग एवं सचिवालय के सभी संवर्गों वाहन चालक, सचिवालय सहायक, समीक्षा अधिकारी/अपर निजी सचिव, श्रेणी-क के सभी अधिकारियों की अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी तथ्य रखे गए। संघ ने स्व. प्रकाश पंत के साथ सचिवालय सघ की उपस्थिति में 31 जनवरी 2019 को हुई बैठक के कार्यवृत्त की याद दिलाई। इसमें एसीपी की पुरानी व्यवस्था को बहाल करने, कार्मिक विभाग की शिथिलीकरण नियमावली,2010 को दोबारा लागू करने, पति-पत्नी दोंनो के सरकारी सेवा में होने पर दोनों को मकान किराया भत्ता अनुमन्य करने की मांग पर सैद्धांतिक सहमति बनी। 
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बैठक में आश्वासन दिया गया कि यूपी में एसीपी की 10, 16, 26 व्यवस्था को उत्तराखंड में लागू करने का मामला कैबिनेट बेठक में रखा जाएगा। साथ ही कार्मिक शिथिलीकरण नियमावली को उच्च न्यायालय की ओर से स्वत: लागू करने और सचिवालय संघ के इस नियमावली को दोबारा बहाल करने के तथ्यों पर भी सहमति दी गई। बैठक में गैंरसैंण के लिए सचिवालय सेवा संवर्ग के पद सृजित करने, समीक्षा अधिकारी व अपर निजी सचिव को पांच वर्ष की सेवा में नॉन फंक्शनल 5400 का वेतनमान अनुमन्य करने, सचिवालय भत्ते की राशि मूल वेतन का दस प्रतिशत करने, सचिवालय सेवा में ग्रेड वेतन 10,000 के दो पद अतिरिक्त रूप से सृजित करने, लेखा संवर्ग में अपर सचिव का एक पद ग्रेड वेतन 8900, सचिवालय रक्षक की पुलिस पैरिटी समाप्त कर सचिवालय पैरिटी करने, सचिवालय सहायक को तृतीय एसीपी पर ग्रेड वेतन 4600 देने, वाहन चालक के रिक्त पद भरने और सचिवालय प्रशासन में वाहन चालकों का आमेलन करने, वेतन परिलब्धियों में आ रही असमानता को समाप्त करने, समीक्षा अधिकारी, अपर निजी सचिव पद को समूह-ख अराजपत्रित करने, लेखा संवर्ग में कार्मिकों के संवर्ग परिवतर्न आदि कई महत्वपूर्ण मांगों के साथ-साथ सचिवालय परिसर में कामिर्कों को हो रही कई कठिनाईयों की मांग रखते हुए इसका एक नियत समय सीमा के भीतर समाधान मांग रखी गई। 

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी बिंदुओं को सुना। उन्होंने सभी मांगों पर निर्गत होने वाले आदेश से पहले सचिवालय संघ को विश्वास में लेते हुए कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए। साथ ही संघ के अनुरोध पर गोल्डन कार्ड चिकित्सा दावों के भुगतान मामले में सचिव वित्त को उन्होंने एक कार्यकारी आदेश जारी करने को कहा। बैठक में सुनील लखेड़ा, विमल जोशी, जीतमणी पैन्यूली, ब्योमकेश दुबे, शूरवीर रावत, गिरीश चंद्र, रीता कौल, अनिल उनियाल, किशन असवाल, सुरेंद्र रावत, प्रमोद कुमार, लालमणि जोशी, चंद्रवीर सिंह नेगी, नृपेन्द्र त्रिपाठी शामिल रहे।


मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन, दोबारा करेंगे बैठक
अपर मुख्य सचिव के साथ बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय संघ को वार्ता के लिए बुलाया। उन्होंने संघ की प्रमुख मांगों को विस्तार से सुनते हुए गोल्डन कार्ड, शिथिलीकरण नियमावली और सचिवालय संघ की प्रमुख मांगों पर अपेक्षित निर्णय कराने का आश्वासन दिया। जल्दी ही मुख्य सचिव की उपस्थिति में सभी अधिकारियों के साथ सचिवालय संघ के पदाधिकारियों और उत्तराखंड अधिकारी कार्मिक शिक्षक महासंघ के साथ उनके ज्वलंत मुद्दों पर बैठक करने की बात कही। सीएम से वार्ता के बाद सचिवालय संघ ने गतिमान दो घंटे के कार्यबहिष्कार को यथावत रखने या अल्प समय के लिए स्थगित करने के फैसले को लेकर बुधवार को सुबह दस बजे कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है।

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