उत्तराखंड: ग्रेड पे में कटौती से नाराज पुलिस कर्मियों के परिजन आज धरने पर, फोर्स तैनात
गांधी पार्क में पुलिस कर्मियों के परिजन धरना दे रहे हैं। डीजीपी अशोक कुमार भी पुलिस कर्मियों के परिजन से धरना न करने का अनुरोध कर चुके हैं।
विस्तार
पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे में की गई कटौती का मामला चरम पर पहुंच गया है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत राजधानी देहरादून और रुद्रपुर में पुलिस कर्मियों के परिजन रविवार को धरना दे रहे हैं। उनकी मांग है कि पूर्व की भांति 4600 रुपये ग्रेड पे दिया जाए। रुद्रपुर में विधायक राजकुमार ठुकराल भी धरने को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे।
वहीं रुद्रपुर धरना स्थल पर पर पुलिस और पीएसी तैनात है। गांधी पार्क में पुलिस कर्मियों के परिजन धरना दे रहे हैं। डीजीपी अशोक कुमार भी पुलिस कर्मियों के परिजन से धरना न करने का अनुरोध कर चुके हैं। सीओ सिटी अमित कुमार ने धरना स्थल पर पहुंचकर धरने की वीडियोग्राफी करने समेत कई निर्देश दिए हैं।
धरने से एक दिन पहले डीजीपी अशोक कुमार ने पुलिस कर्मियों के परिजनों को फेसबुक तो एसएसपी डीएस कुंवर ने व्हाट्सएप के जरिये मैसेज भेजकर मनाने की कोशिश की। इधर, पुलिस कर्मियों के परिजनों ने एसडीएम को पत्र लिखकर धरने की अनुमति मांगी है।
भारी कटौती का आदेश मुख्यालय से जारी कर दिया था
दरअसल, कुछ समय पहले पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे में भारी कटौती का आदेश मुख्यालय से जारी कर दिया गया था। इस खबर को अमर उजाला ने रुद्रपुर से प्रकशित किया था। तभी से पुलिस कर्मियों के परिजन ग्रेड पे में कटौती का विरोध कर रहे हैं।
पुलिस कर्मियों को मनाने के लिए शनिवार देर शाम डीजीपी अशोक कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया कि प्रिय साथियों प्रदेश पुलिस का मुखिया होने के नाते मैं आप लोगों की ग्रेड पे से संबंधित समस्या से भलीभांति वाकिफ हूं और सुलझाने के लिए सरकार एवं शासन की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है। 27 तारीख को कैबिनेट सब कमेटी की मीटिंग है।
बकौल डीजीपी ‘मुझे उम्मीद है कि आपकी समस्या का समाधान जरूर निकलेगा, इसलिए मेरा आपसे और आपके परिजनों से अनुरोध है कि कृपया करके कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे उत्तराखंड पुलिस जैसे अनुशासित बल पर लोगों को अनुशासनहीनता का आरोप लगाने का मौका मिले।’ मेरी आपसे अपील है कि किसी भी तरह के प्रस्तावित धरना या प्रदर्शन से बचें और संयम बनाकर रखें। वहीं एसएसपी डीएस कुंवर ने कहा है कि उच्चधिकारी इस मामले को लेकर शासन से वार्ता कर रहे हैं।