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Uttarakhand: अवंता समूह के कई ठिकानों पर ED का छापा, तीन राज्यों से 678 करोड़ की संपत्ति की कुर्क
Fri, 16 Aug 2024 07:50 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 16 Aug 2024 07:50 PM IST
सार
सामने आया कि कंपनी की परिसंपत्तियों और देनदारियों को काफी कम करके दिखाया गया था। संबंधित पक्षों और असंबंधित पक्षों को दिए गए अग्रिमों को कम करके दिखाया गया था।
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ED
- फोटो : ANI
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विस्तार
गौतम थापर के स्वामित्व वाली अवंता ग्रुप की उत्तराखंड में करोड़ों रुपये की संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय ने कुर्क किया है। यह संपत्तियां जमीन के रूप में हैं। ईडी ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड, महाराष्ट्र और हरियाणा में कार्रवाई की थी। तीनों राज्य में कुल 678 करोड़ रुपये की जमीनों को अनंतिम रूप से कुर्क किया गया है। मनी लॉन्डि्रंग के मामले में गौतम थापर को वर्ष 2021 में गिरफ्तार किया जा चुका है।
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मामला वर्ष 2019 से चल रहा है। अवंता ग्रुप की सीजी पावर एंड इंडस्टि्रयल सॉल्यूशन लिमिटेड ने सेबी को अपनी संपत्तियों के बारे में जानकारी दी थी। लेकिन, जब इनकी जांच हुई तो पता चला कि जो कीमत इन संपत्तियों की बताई गई है वह वास्तविक से बेहद कम है। कई बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का लोन भी लिया गया। इसमें कंपनी को गारंटीकर्ता के रूप में दर्शाया गया। इस आधार पर एसबीआई की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 22 जून 2021 को आईपीसी और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसमें गौतम थापर, केएन नीलकंठ, माधव आचार्य, बी हरिहरन, ओमकार गोस्वामी और अज्ञात सरकारी अधिकारी शामिल थे।
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मुकदमे के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी इसकी जांच शुरू कर दी। इसके बाद 14 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया। ईडी ने कंपनी के एक अधिकारी माधव आचार्य को भी जनवरी 2024 में गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले सीबीआई गौतम थापर को वर्ष 2021 में ही गिरफ्तार कर चुकी है। माधव आचार्य से पूछताछ और दस्तावेज की जांच के आधार पर पता चला कि उसने कंपनी को स्वयं के कोष से 1307 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। यह धनराशि बिना सेबी के संज्ञान में लाए ट्रांसफर की गई। अब अवंता समूह की कंपनियों को दिया गया धन अब भी अवंता ग्रुप पर बकाया है। लिहाजा, अब ईडी ने हरियाणा, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में कंपनियों की कुल 678.48 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया है।