एक्सक्लूसिव: डीएल बनवाने के लिए नहीं काटने पड़ेंगे आरटीओ के चक्कर, घर बैठे होंगे सभी काम
- जल्द ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सभी प्रक्रिया होने जा रही है ऑनलाइन
- अभी तक ऑनलाइन आवेदन की सुविधा, प्रमाण पत्र आरटीओ में लाने पड़ते हैं
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अगर आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो आपके सभी काम घर बैठे ही हो जाएंगे। उत्तराखंड में देहरादून संभागीय परिवहन कार्यालय की ओर से यह कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। मार्च में यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद है।
आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए रोजाना भारी भीड़ जुटना आम बात है। यहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लर्निंग लाइसेंस और स्थायी लाइसेंस के लिए संख्या निर्धारित है। लाइसेंस के लिए घर बैठे आवेदन करने का मौका दिया जाता है।
इसके बाद दस्तावेज लेकर आरटीओ दफ्तर आना पड़ता है। इस वजह से आरटीओ दफ्तर में कई बार सोशल डिस्टेंसिंग भी चुनौती बन जाता है। लिहाजा, इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का काम शुरू कर दिया गया है।
आरटीओ प्रशासन दिनेश चंद्र पठोई ने बताया कि दस्तावेज जमा कराने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रहे हैं। आवेदक अपना आवेदन करने के साथ ही सभी दस्तावेज की तस्वीर लेकर सीधे वेबसाइट पर ही अपलोड कर सकेंगे।
गौरतलब है कि हाल ही में आवेदन की वेबसाइट में तब्दीली की गई थी, जिसके तहत एक कंप्यूटर से एक बार लाइसेंस का आवेदन होने के पांच मिनट बाद ही दूसरा आवेदन हो सकता है। इससे उन लोगों को लाभ हुआ जो कि अपने घर से आवेदन करते हैं।
कम होने लगा है डीएल का इंतजार
कोरोना लॉकडाउन के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन तो बढ़ते रहे, लेकिन बेहद कम संख्या में डीएल बनाए गए। इस वजह से प्रतीक्षारत आवेदकों की संख्या 10 हजार पार हो गई थी। अब रोजाना लर्निंग और स्थायी मिलाकर करीब 250 लाइसेंस बनने शुरू हो गए हैं। पिछले एक महीने में डीएल का इंतजार कम होने लगा है।
झाझरा में नहीं बनेंगे ऋषिकेश और विकासनगर के डीएल
ऋषिकेश और विकासनगर के लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च आईडीटीआर झाझरा में नहीं बनेंगे। पिछले दिनों यह अफवाह फैली थी, जिसके बाद आरटीओ प्रशासन दिनेश चंद्र पठोई ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि झाझरा में केवल देहरादून के लोगों के ही डीएल बनेंगे।
दरअसल, आईडीटीआर झाझरा में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए होने वाला टेस्ट काफी मुश्किल है। आवेदक इस ऑनलाइन टेस्ट में जरा सी चूक पर भी सीधे फेल हो रहे हैं। ऐसे तमाम लोग भी हैं जो कि मुश्किल ड्राइविंग टेस्ट में कई-कई बार फेल होने के बाद पास हुए हैं। यह टेस्ट प्रक्रिया केवल देहरादून के लोगों के लिए लागू है।
प्रदेश के अन्य स्थानों पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया अभी तक नहीं अपनाई गई है। पठोई ने यह साफ कर दिया है कि ऋषिकेश और विकासनगर के लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस उनके क्षेत्र के कार्यालयों में ही पूर्व की भांति बनेंगे। फिलहाल उन्हें देहरादून में लाने की कोई योजना नहीं है।