उत्तराखंड: आपदा राहत राशि बढ़ी, हुआ शासनादेश, 17 से 19 अक्तूबर तक बादलों ने बरपाया था कहर
राज्य में 17, 18 और 19 अक्तूबर को प्राकृतिक आपदा से प्रभावितों को राज्य आपदा मोचन निधि के तय मानकों के अलावा राज्य सरकार द्वारा विशेष राहत पैकेज के रूप में मंजूर राहत सहायता की दरों को बढ़ाया गया है।
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सरकार ने विशेष राहत पैकेज के रूप में मंजूर आपदा राहत सहायता राशि को बढ़ा दिया है। शासन की ओर से इसका आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि राज्य में 17, 18 और 19 अक्तूबर को प्राकृतिक आपदा से प्रभावितों को राज्य आपदा मोचन निधि के तय मानकों के अलावा राज्य सरकार द्वारा विशेष राहत पैकेज के रूप में मंजूर राहत सहायता की दरों को बढ़ाया गया है।
भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त होने पर अब सहायता राशि डेढ़ लाख रुपये
आपदा में भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त होने पर अब सहायता राशि को 95 से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया गया है। सचिव एसए मुरुगेशन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि घर के आंगन, आंगन की दीवार के क्षतिग्रस्त होने एवं घर के पीछे की दीवार के क्षतिग्रस्त होने को भी आंशिक क्षतिग्रस्त भवन के रूप में शामिल किया जाएगा।
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जबकि क्षतिग्रस्त भवनों के प्रकरणों में यदि भवन एसडीआरएफ के मानकों की परिधि से बाहर हैं तो ऐसे प्रकरणों पर मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता प्रदान की जाएगी। 17, 18 और 19 अक्तूबर को आई आपदा से आवासीय कालोनियों में बाहर लगे जो बिजली के मीटर खराब हो गए हैं। उसे ऊर्जा विभाग विभाग निश़ुल्क बदलेगा।
राशि में वृद्धि का भुगतान मुख्यमंत्री राहत कोष से
इसके अलावा ऐसे छोटे व्यापारी जो जीएसटी के तहत नहीं आते, उनकी दुकानों में पानी भरने से सामान खराब होने पर उन्हें पांच हजार की राहत राशि प्रदान की जाएगी। राहत राशि में वृद्धि का भुगतान मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जाएगा।
राहत राशि में की गई वृद्धि केवल 17, 18 और 19 अक्तूबर को आई आपदा से प्रभावितों के लिए ही मान्य होगी। प्रभावितों को राहत राशि दिए जाने की कार्रवाई ई-बैंकिंग के माध्यम से की जाएगी। जहां ई-बैंकिंग की सुविधा नहीं है वहां डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से धनराशि दी जाएगी।
एसडीआरएफ मानक (रुपए) - राज्य सरकार की ओर से देय (रुपए)
कपड़ों की क्षति के लिए 1800 व घरेलु सामान की क्षति के लिए 2000 - 5000
मैदानी क्षेत्र में भवन क्षतिग्रस्त होने पर 95000 - 150000
पहाड़ी क्षेत्रों में भवन क्षतिग्रस्त होने पर 101900 - 150000
पक्का भवन आंशिक क्षतिग्रस्त होने पर 5200 - 7000
कच्चा भवन आंशिक क्षतिग्रस्त होने पर 3200 - 5000