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उत्तराखंड: सचिवालय में ही दम तोड़ रहा डिजिटल इंडिया अभियान, वेबसाइट पर अपलोड नहीं शासनादेश

Thu, 30 Sep 2021 10:47 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 30 Sep 2021 10:47 AM IST
सार

देशभर में चल रहा डिजिटल इंडिया अभियान देहरादून स्थित सचिवालय में ही दम तोड़ने लगा है। लापरवाही का आलम यह है कि कई महत्वपूर्ण विभागों में कई-कई साल से जीओ अपलोड ही नहीं हुए हैं।

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uttarakhand news: Digital India campaign dying in secretariat office
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

देशभर में चल रहा डिजिटल इंडिया अभियान सचिवालय में ही दम तोड़ने लगा है। आलम यह है कि एक ओर सचिवालय प्रशासन लगातार ई-फाइलिंग पर जोर दे रहा है तो दूसरी ओर शासन के आदेश वेबसाइट पर अपलोड करने में कई विभाग बेहद सुस्त हो गए हैं। कई महत्वपूर्ण विभागों में कई-कई साल से जीओ अपलोड ही नहीं हुए हैं।

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दरअसल, राज्य सरकार की ओर से सचिवालय से जारी होने वाले शासनादेशों को वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है। अब से तीन-चार साल पहले तक यह प्रक्रिया पूरी तरह से गतिमान थी लेकिन धीरे-धीरे इसमें सुस्ती हावी होती चली गई। अब शासन के क्या आदेश, कब हुए, इसकी जानकारी कहीं भी ऑनलाइन नहीं देखी जा सकती है।
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हालांकि कुछेक विभाग अभी भी सजगता के साथ अपने शासनादेशों को इस वेबसाइट तक पहुंचा रहे हैं। वर्तमान में इस वेबसाइट पर उत्तराखंड शासन के 84 विभागों के 34 हजार 543 शासनादेश अपलोड हैं। अगर समय से अपडेट होते रहते तो इनकी संख्या एक लाख के करीब पहुंच चुकी होती।
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डिजिटल पहल को लगातार लग रहा पलीता
सचिवालय से जारी होने वाले आदेशों को वेबसाइट पर अपलोड न करने की तेज होती जा रही परंपरा के अलावा भी कई ऐसे मामले हुए हैं, जब सचिवालय के अधिकारियों ने डिजिटल पहल को पलीता लगाया है। पिछले वर्ष अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागों में भर्ती के अधियाचन (सिफारिश) अपलोड करने के लिए वेबसाइट शुरू कराई थी।

ताकि भर्ती परीक्षाएं कराने वाली संस्थाओं को यहीं से अधियाचन मिल जाए। इसके लिए बाकायदा ट्रेनिंग भी हुई लेकिन विभागों ने दिलचस्पी नहीं ली। फिलहाल इसे टाल दिया गया है। इसी प्रकार, ई-फाइलिंग पर सचिवालय प्रशासन ने कसरत की। इसके लिए कई चरण की ट्रेनिंग हुई। सभी अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर बनवाए गए लेकिन यहां भी वैसे ही हालात हैं। पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन ने इस पर नाराजगी जताई थी।

आईटी विभाग का आखिरी जीओ 2017 में अपलोड हुआ था
हालात यह हैं कि आईटी को बढ़ावा देने वाले आईटी विभाग का आखिरी जीओ इस वेबसाइट पर 26 सितंबर 2017 को अपलोड किया गया था। इसके बाद कितने शासनादेश हुए, उनकी कोई जानकारी वर्चुअली उपलब्ध नहीं है।

किस विभाग में कब जारी हुआ था आखिरी अपडेट

विभाग का नाम- आखिरी अपडेट की तिथि
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट - 27 अगस्त 2015
सिंचाई विभाग - 30 मार्च 2021
लोक निर्माण विभाग - 16 जनवरी 2018
राजस्व विभाग - 26 फरवरी 2019
सचिवालय प्रशासन - 28 मई 2018
वित्त विभाग - 12 अक्तूबर 2018
ऊर्जा विभाग - सात जनवरी 2021
पर्यटन विभाग - 29 जनवरी 2018
पेयजल - 16 मई 2019
सूचना विभाग - 25 मई 2018
संस्कृति विभाग - पांच फरवरी 2018
युवा कल्याण - 27 सितंबर 2018
आपदा प्रबंधन - 19 नवंबर 2019
इंर्फोमेशन टेक्नोलॉजी - 26 सितंबर 2017
सामान्य प्रशासन - तीन सितंबर 2021
खेल विभाग - 28 जून 2019
औद्योगिक विकास - 28 मई 2020
खाद्य आपूर्ति विभाग - 25 मार्च 2020
वन विभाग - 28 अगस्त 2019
गृह विभाग - 10 फरवरी 2021
एक्साइज - सात फरवरी 2019
उच्च शिक्षा - 30 जुलाई 2019
ग्रामीण विकास विभाग - आठ अगस्त 2018
समाज कल्याण विभाग - 26 फरवरी 2021
शहरी विकास - 29 जनवरी 2018
कृषि विभाग - 17 अप्रैल 2018
परिवहन विभाग - आठ जनवरी 2018
स्वास्थ्य विभाग - 22 मार्च 2016
तकनीकी शिक्षा विभाग - 30 जनवरी 2018
राज्य संपत्ति विभाग - 11 जुलाई 2016

सभी शासनादेश वेबसाइट पर अपलोड करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है। जो भी विभाग शासनादेश अपलोड नहीं कर रहा है, उसके लिए जवाबदेही भी उसी की है।
-आरके सुधांशु, सचिव, आईटी

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