उत्तराखंड: नवरात्र पर रोपवे से सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर पहुंचेंगे देवी भक्त, ट्रायल शुरू
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सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर परिसर में लगाए जा रहे रोपवे का ट्रायल सफल रहा है। कुछ दिन और इंतजार के बाद अब डेढ़ किमी की चढ़ाई चढ़ने में असमर्थ भक्त रोपवे से 10 मिनट से भी कम समय में देवी के दर्शन करने मंदिर पहुंच सकेंगे। इस सर्दी में मौसम ठीक रहा, तो फरवरी से पहले सभी 16 ट्रॉलियां लगा दी जाएगी। जिससे देवी भक्त चैत्र नवरात्र पर रोपवे से मंदिर पहुंचेंगे।
चंबा-मसूरी रोड पर स्थित मां सुरकंडा देवी का मंदिर 2750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को अभी कद्दूखाल से 1.5 किमी की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है, जिससे अशक्त श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। जिससे मंदिर को रोपवे से जोड़ने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। श्रद्धालुओं की डिमांड पर वर्ष 2016 में पर्यटन विभाग ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) में रोपवे बनाने का निर्णय लिया था। लंबे इंतजार के बाद अब रोपवे का सिविल और इंजीनियरिंग वर्क पूरा हो गया है।
सोमवार से केबिन लोड टेस्टिंग शुरू की गई है। कुछ दिन टेस्टिंग के बाद छह और ट्रॉली लगाने का काम शुरू किया जाएगा। 32 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे रोपवे में कुल 16 ट्रालियां लगाने का प्रस्ताव है। रोपवे बन जाने से जहां श्रद्धालुओं को डेढ़ किमी की चढ़ाई से निजात मिल सकेगी, वहीं रोपवे से 522 मीटर का सफर महज पांच से दस मिनट में पूरा कर मंदिर पहुंच सकेंगे। प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप में रोपवे तैयार कर रही केआर आनंद इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी के इंचार्ज राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि नवंबर से सर्दी का प्रकोप बढ़ने के कारण पूरे दिन काम नहीं हो पा रहा है।
इस सर्दी में बर्फबारी हुई, तो काम फरवरी तक खिंच सकता है। पूर्व पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने कहा कि पहाड़ में रोपवे योजना से सफर आसान किया जा सकता है। सुरकंडा देवी रोपवे बनने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में तीर्थाटन के साथ ही पर्यटन विकास होगा। पर्यटन अधिकारी एसएस यादव ने कहा कि उम्मीद है कि फरवरी माह से पहले रोपवे पूरी तरह से शुरू कर दिया जाएगा।
पहाड़ों की रानी मसूरी में बनाई जाएगी मल्टी लेवल कार पार्किंग
पहाड़ों की रानी मसूरी में आने वाले समय में गाड़ियों की पार्किंग को लेकर पर्यटकों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। कारण कि मसूरी में एमडीडीए की ओर से मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाए बनायी जाएगी। मल्टी लेवल लेवल कार पार्किंग बनाए जाने के प्रस्ताव को एमडीडीए की बोर्ड बैठक में मंजूरी भी दे दी गई। एमडीडीए अधिकारियों के मुताबिक मल्टीलेवल कार पार्किंग में 400 चार पहिया और 60 दोपहिया गाड़ियों के पार्किंग की व्यवस्था होगी। साथ ही कार पार्किंग में ही 200 बेड की एक डोरमेट्री बनाई जाएगी जिसमें गाड़ियों के चालक विश्राम कर सकेंगे। इतना ही नहीं कई एमडीडीए बोर्ड बैठक में 60 आवासीय और व्यावसायिक भवनों के मानचित्रों को भी मंजूरी दी गई जिनकी स्वीकृति का अधिकार प्राधिकरण बोर्ड में निहित कर दिया गया था।
मंडलायुक्त सुशील कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में कुल 87 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए जिसमें 10 प्रस्ताव भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित, सात प्रस्ताव शासकीय व अशासकीय भू उपयोग से संबंधित थे। इतना ही नहीं बोर्ड बैठक में घंटाघर स्थित एचएनबी कॉन्प्लेक्स में कार पार्किंग और अग्निशमन से संबंधित कई कार्य पीपीपी मोड में कराए जाने का भी निर्णय लिया गया। बोर्ड बैठक में एमडीडीए के सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों के लिए संशोधित एसीपी योजना लागू किए जाने के प्रस्ताव को भी बोर्ड में हरी झंडी दे दी। बोर्ड बैठक में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष व गढ़वाल मंडलायुक्त सुशील कुमार के अलावा उपाध्यक्ष बीके संत, सचिव मोहन सिंह बर्निया, उपसचिव आवास अर्पण कुमार राजू, अपर नगर आयुक्त जगदीश लाल, एसोसिएट टाउन प्लानर शालू, अपर जिला अधिकारी कृष्ण कुमार मिश्र, मुख्य लेखा अधिकारी स्मृति खंडूरी, अधीक्षण अभियंता एचसीएस राणा समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
भू-उपयोग परिवर्तन को लेकर नहीं हो पाया कोई निर्णय
एमडीडीए बोर्ड बैठक में चार हजार से लेकर दस हजार मीटर की जमीनों के भू-उपयोग परिवर्तन को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। बोर्ड बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि इस प्रस्ताव को आगामी 23 दिसंबर को प्रस्तावित बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। जिसमें चर्चा कर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बोर्ड बैठक में उपयोग परिवर्तन को लेकर कोई अंतर नहीं हो पाने से उन होटल संचालकों पेट्रोल पंप मालिकों स्कूल और अस्पताल संचालकों के साथ ही व्यवसाय शॉपिंग कॉन्प्लेक्स संचालकों को करारा झटका लगा है। जो जमीनों का भू-उपयोग परिवर्तन कराने के उपरांत होटल, अस्पताल, पेट्रोल पंप खोलने की योजना बना रहे हैं। उपाध्यक्ष बीके संत का कहना है कि इस संबंध में अंतिम निर्णय अगली बोर्ड बैठक में लिया जाएगा।
आचार संहिता लागू होने से पहले दोबारा बुलाई जाएगी बोर्ड बैठक
प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लागू होने वाली आचार संहिता से पहले दोबारा बोर्ड बैठक बुलाई जाएगी अगली बोर्ड बैठक 23 दिसंबर को प्रस्तावित है। जिसमें बाकी बचे प्रस्तावों पर चर्चा कर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।