उत्तराखंड: पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ने पर भड़की कांग्रेस, 20 फरवरी को विरोध प्रदर्शन का ऐलान
पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के बढ़ते दामों के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदेश व्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। कांग्रेस मुख्यालय की ओर से सभी जिलाध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि 20 फरवरी को सभी जिलों, शहर, ब्लॉक और नगर मुख्यालयों में बढ़ती महंगाई के विरोध में धरना प्रदर्शन और पदयात्राओं का आयोजन करें। कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने मिलकर यह रणनीति तय की।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संगठन विजय सारस्वत के मुताबिक 22 फरवरी को सभी ब्लाक और नगर मुख्यालयों में गैस सिलेंडर के साथ धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। विरोध-प्रदर्शन में संबंधित क्षेत्र के विधायक, पूर्व विधायक, विधानसभा 2017 के प्रत्याशी, प्रदेश पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य, ब्लाक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, पार्टी के सभी अनुषांगिक संगठन, विभाग, प्रकोष्ठों के पदाधिकारी भी प्रतिभाग करेंगे।
कांग्रेस प्रदेेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लगातार बढ़ाए जा रहे पेट्रोलियम पदार्थों के दामों से लोग त्रस्त हो चुके हैं। इसके अलावा 25 फरवरी को कृषि कानूनों के विरोध में ऊधमसिंह नगर में एक सम्मेलन भी होगा।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी पर कांग्रेस ने निकाली रैली
देश भर में बढ़ती महंगाई को लेकर डोईवाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर में साइकिल रैली निकालकर प्रदर्शन किया। महंगाई बढ़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि इससे आम आदमी को भारी दिक्कतें उठाने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
बुधवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी के नेतृत्व में काफी संख्या में कार्यकर्ता प्रेमनगर बाजार क्षेत्र में एकत्रित हुऐ और बढ़ती महंगाई को लेकर भाजपा सरकार के विरोध में नारेबाजी के साथ साईकिल रैली प्रांरभ की। साईकिल शुगर मिल रोड, नगर चौक, देहरादून रोड़ होते हुए तहसील मुख्यालय पहुंची। जहां तहसील अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर महंगाई पर अंकुश लगाने और पेट्रोल डीजल के दामों को नियंत्रण में रखने की मांग की गई।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा कि जनता पर महंगाई को बोझ सरकार ने डाल दिया है। चार सालों की अवधि में पेट्रोल डीजल के दाम 30 से 35 रूपये तक बढ़ गऐ। महंगाई बढ़ने से किसानों को फसल की लागत भी नहीं मिल पा रही है। राजीव गांधी पंचायतराज प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक मोहित उनियाल ने कहा कि दिनों दिन बढ़ रही महंगाई से मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए परेशानियों खड़ी होने लगी है।
पेट्रोल के बढ़ते दामों के विरोध में उतरे व्यापारी
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर व्यापारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई को काबू करने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। व्यापारियों ने कहा कि कोरोना काल में बढ़ती महंगाई के चलते आम जनता और व्यापारियों दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी के नेतृत्व में व्यापारियों मायापुर चौक पर पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने महंगाई और मंदी से आम जनता और व्यापारी वर्ग दोनों ही त्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में आम जनता को सरकार से राहत की उम्मीद थी। लेकिन सरकार पेट्रोल और गैस के दामों में बढ़ोतरी कर आम जनता का शोषण कर रही है।
महानगर अध्यक्ष जितेंद्र चौरसिया और गिरीश भाटिया ने कहा कि लगातार पेट्रोल और गैस के बढ़ते दामों का असर घर के बजट व व्यापार पर भी पड़ रहा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाद्यान्न, सब्जी, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी आसमान छू रहे हैं। विरोध जताने वालों में राजेश भाटिया, मुकेश अग्रवाल, संजय तनेजा, सन्नी आहूजा, राजेश आहूजा, गुरमीत सिंह, ध्यान सिंह, मोहित मनचंदा, सुनील मनोचा, हन्नी दमीर, गौतम हल्दर, रोहित चड्डा, शिवम कुमार, अशोक शर्मा, उमेश चौधरी, सचिन भाटिया, मनोज ठाकुर, सोनू चौधरी आदि व्यापारी शामिल रहे।