उत्तराखंडः सड़कों पर गरजी कांग्रेस, सीएम आवास कूच में कई बड़े नेता शामिल, प्रीतम सिंह हुए चोटिल
प्रदर्शन के दौरान बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं के साथ हो रही उत्पीड़न की घटनाओं, किसानों की समस्याओं, हरिद्वार कुंभ में हुए कोरोना टेस्टिंग फर्जीवाड़े और तीर्थ पुरोहितों की मांगों को उठाया जा रहा है।
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हरिद्वार कुंभ में कोरोना टेस्टिंग घोटाला, देवस्थानम बोर्ड, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, खाने के तेल व अनाजों की बढ़ती कीमतों, भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर राजधानी की सड़कों पर प्रदर्शन किया। सीएम आवास कूच के साथ रैली आगे बढ़ी, लेकिन पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर कार्यकर्ताओं को आगे जाने से रोक दिया। जहां कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारियां दीं। बैरिकैडिंग पर हुई धक्का-मुक्की के दौरान प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह चोटिल हो गए। उनके कंधे पर मामूली चोट आई है।
शनिवार को पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव और प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में जनाक्रोश रैली में प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इससे पूर्व सुबह से ही राजीव भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में प्रदेशभर से कार्यकर्ता रैली में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। राजपुर रोड स्थित एस्लेहॉल पर ढोल-दमाऊ और नगाड़ों के साथ प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता रैली की शक्ल सीएम आवास कूच प्रारंभ किया।
आक्रोश रैली एस्लेहॉल चौक, राजपुर रोड, दिलाराम चौक होते हुए हाथीबड़कला पहुंची। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को हाथीबड़कला पर रोक दिया। इस बीच कांग्रेस नेताओं और पुलिस बल के बीच कुछ देर तीखी नोकझोंक भी हुई। जिससे कार्यकर्ता हाथीबड़कला चौक पर ही धरने पर बैठ गए।
इस दौरान पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। हरिद्वार कुंभ में कोरोना टेस्टिंग में हुए घोटाले ने राज्य की साख पर बट्टा लगाया है। इसके बावजूद सरकार इस घोटाले में शामिल लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। रोजमर्रा की जरूरतों के सामानों में मूल्य वृद्धि, पेट्रोल, डीजल सहित रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी ने आम आदमी का जीना दूभर कर दिया है। सरकार महंगाई पर लगाम लगाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।
प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने राज्य सरकार अपने घर के मामले भी नहीं सुलझा पा रही है। तीर्थ-पुरोहित देवस्थानम बोर्ड को रद्द करने के लिए लंबे समय से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही। प्रीतम ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी हमला बोला। कहा कि 2017 में प्रदेश की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के कहने पर डबल इंजन की सरकार दी थी, लेकिन वह डबल इंजन आज तक शुरू ही नहीं हो पाया है।
इस दौरान एआईसीसी के सचिव विधायक काजी निजामुद्दीन, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विधायक आदेश चौहान, पूर्व मंत्री शूरवीर सजवाण, तिलक राज बेहड़, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक ममता राकेश, पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण, पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी, पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व विधायक रामयश सिंह, उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, रंजीत रावत, धीरेंद्र प्रताप, अयरेंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत, राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, संजय पालीवाल, नवीन जोशी, राजेंद्र शाह, हरीश पनेरू, महेश शर्मा, मनीष नागपाल, लक्ष्मी अग्रवाल, सुमित हृदयेश, गरिमा दसौनी, कमलेश रमन, शांति रावत, परिणीता बडोनी, मंजू तोमर, संजय किशोर, गौरव चौधरी, लाल चंद शर्मा, महेश जोशी, विकास नेगी, राकेश राणा, साहब सिंह सजवाण आदि मौजूद रहे।
प्रीतम सिंह की गर्दन की मांसपेशियों में हुआ खिंचाव
मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान पुलिस से झड़प में चोटिल हुए प्रदेेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने दर्द बढ़ने पर शाम को हरिद्वार रोड स्थित कोहली नर्सिंग होम में महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा आदि कार्यकर्ताओं के साथ जाकर वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हरीश कोहली से चेकअप कराया। डॉ. कोहली ने प्रीतम सिंह के एक्स-रे और अन्य जांचें कराईं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की गर्दन की मांसपेशियां फटने, उनमें खिंचाव व दर्द की शिकायत बताई गई है। डॉक्टर ने उनके हाथ में सपोर्टर लगाया है। साथ ही उन्हें फिलहाल भारी चीज न उठाने और आराम की सलाह दी है।
कांग्रेस के 200 से अधिक कार्यकर्ताओं पर मुकदमा
मुख्यमंत्री आवास कूच के मामले में कोविड नियमों का उल्लंघन करने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए हैं।
कांग्रेस के कूच से आधा शहर रहा जाम, लोग हुए परेशान
कांग्रेस के मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान लगभग आधा शहर जाम रहा। राजपुर रोड के अलावा, घंटाघर, दर्शनलाल चौक, ईसी रोड, सुभाष रोड, एस्लेहॉल चौक, परेड ग्राउंड, सर्वे चौक, ओल्ड सर्वे चौक, चकराता रोड, गांधी रोड, प्रिंस चौक, बुद्धा चौक, दून अस्पताल चौक, तहसील रोड, आराघर, धर्मपुर आदि स्थानों पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। इसके अलावा मुख्य सड़कों को जोड़ने वाली गलियों नेशविला रोड, चुक्खूमोहल्ला, त्यागी रोड, रेलवे रोड, दर्शनी गेट, सिंघल मंडी, लक्कड़मंडी, इंदर रोड, मोहिनी रोड, मॉडल टाउन, रेसकोर्स, चंदरनगर रोड, रेस्ट कैंप आदि स्थानों पर भी वाहन निकालने में परेशानी रही। दोपहर बाद कांग्रेस की रैली खत्म होने के बाद यातायात की स्थिति कुछ सामान्य हो पाई।
बैलगाड़ी पर स्कूटर की अर्थी ने खींचा ध्यान
पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी के विरोध में बैलगाड़ी पर स्कूटर की सांकेतिक अर्थी ने लोगों का खूब ध्यान खींचा। सहकारी बाजार एस्लेहॉल के अध्यक्ष विरेंद्र पोखरियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी सुभाष रोड स्थित डूंगा हाउस के समीप एकत्र हुए। वहां से बैलगाड़ी के पीछे लगी ट्रॉली में स्कूटर की सांकेतिक अर्थी बनाकर कांग्रेस भवन तक जुुलूस निकाला गया। उसके बाद वह मुख्यमंत्री आवास कूच करने वाले मुख्य जुलूस में शामिल हुए।
टूटा सन्नाटा, राजधानी में लंबे समय बाद दिखा सियासी जलसा
कोरोनाकाल में पिछले करीब डेढ़ वर्ष से बंद पड़ी रैलियों का सन्नाटा शनिवार को उत्तराखंड कांग्रेस ने तोड़ा। राजधानी देहरादून की सड़कों पर प्रदेशभर से उमड़े हजारों कार्यकर्ताओं का रैला दिखाई दिया। आगामी विस चुनाव के संभावित उम्मीदवारों ने दमखम दिखाने के लिए भीड़ जुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पुलिस की ओर से जगह-जगह सड़कों के रूट डायवर्ट किए गए थे। पार्किंग के लिए परेड ग्राउंड के एक हिस्से में गाड़ियां खड़ी करने की जगह निर्धारित की गई थी, लेकिन दूर-दराज से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जहां जगह मिली, उन्होंने अपने वाहन वहां खड़े कर दिए। ऐसे में देर तक सड़कों पर जाम की स्थिति भी बनी रही। चेहरा दिखाने की होड़ में कई नेता कोविड नियमों की धज्जियां भी उड़ाते नजर आए। ऐसे में कार्यकर्ता भी कहां पीछे रहने वाले थे। भीड़ में शामिल बहुत से लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन करना तो दूर मास्क लगाना तक उचित नहीं समझा।