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उत्तराखंड: एम्स ऋषिकेश के ट्रामा सेंटर की हालत बदहाल, सीलिंग उखड़ी, लटके शौचालयों के दरवाजे
Wed, 28 Jul 2021 04:39 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
राजीव कुमार, अमर उजाला, ऋषिकेश
राजीव कुमार, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 28 Jul 2021 04:39 PM IST
सार
यह किसी जिले या शहर का बदहाल सरकारी अस्पताल नहीं है। बल्कि देश के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के ट्रामा सेंटर का आंखों देखा हाल है।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के ट्रामा सेंटर के हालात
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कहीं शौचालय में दरवाजा नहीं तो कहीं आधे लटके दरवाजे, शौचालयों में पानी नहीं, वॉश बेसिन की टोटियां भी सूखी हैं उखड़ती फाल सीलिंग और फर्श व दीवारों की टूटी टाइल, गैलेरी और छत पर पसरी गंदगी। यह किसी जिले या शहर का बदहाल सरकारी अस्पताल नहीं है। बल्कि देश के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के ट्रामा सेंटर का आंखों देखा हाल है।
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मंगलवार को एम्स ऋषिकेश अस्पताल की पड़ताल में ट्रामा सेंटर की हकीकत सामने आई। गौर करने वाली बात है कि प्रदेश भर के विभिन्न जिलो के सरकारी अस्पतालों से दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीजों को एम्स के इसी ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए भेजा जाता है। ट्रामा सेंटर का भवन भी बेहद आलीशान है।
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जब भवन के अंदर देखा तो ढांचे से भीतर के हालात बिल्कुल जुदा थे। ट्रामा सेंटर की फॉल सीलिंग जगह-जगह से उखड़ रही है। कई जगह से फाल सीलिंग लटक रही है। इनका उखड़कर गिरना भी तय था। ट्रामा सेंटर के फर्श पर टाइलें टूटने से गड्ढ़े बन गए हैं। गड्ढों में ठोकर लगने से कई तीमारदार गिरने से बाल-बाल बचे।
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दीवारों की टाइल उखड़ी हुई थी। टाइलें और प्लास्टर उखड़ने से सीमेंट की दीवारे बदरंग नजर आ रही थी। सबसे बुरा हाल शौचालय का था। यहां कई शौचालयों में पानी की आपूर्ति ही नहीं थी। वॉश बेसिन की टोटियां ऐसे लग रही थी जैसे कई दिनों से सूखी हैं। कुछ शौचालयों में ताले लगे थे।
जो शौचालय खुले थे उनमें किसी का दरवाजा नहीं था तो कुछ शौचालयों के दरवाजे आधे लटके हुए थे। मरीज और तीमारदार इन बिना दरवाजों और अधखुले शौचालयों का इस्तेमाल करने का मजबूर थे। रक्तकोष के पास की गैलरी और छत में तो गंदगी का अंबार लगा था। खाली पेपर डिस्पोजल गिलास के साथ गैलेरी और छत गुटके और खैनी की पीके से सनी हुई थी।