उत्तराखंड कैबिनेट: कुंभ के काम पकड़ेंगे रफ्तार, बिना निविदा होंगे दो करोड़ तक के काम
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मंत्रिमंडल ने हरिद्वार में एक अप्रैल से शुरू हो रहे महाकुंभ के कामों को तेजी से पूरा करने के लिए दो करोड़ रुपये तक के काम बिना निविदा के कराने का फैसला किया है। बृहस्पतिवार को देर शाम नए शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी दी। सचिवालय के मीडिया सेंटर में मीडिया से मुखातिब उनियाल ने बताया कि कुंभ के दो करोड़ रुपये तक के कामों को तेजी से पूरा कराने के लिए अधिप्राप्ति नियमावली में शिथिलता प्रदान की गई है।
मेलाधिकारी की ओर से इसका प्रस्ताव आया था। इसके तहत सड़क, बिजली, पानी, स्ट्रीट लाइट, शौचालय आदि के काम नए प्रस्तावित क्षेत्रों में कराए जाएंगे। ये क्षेत्र अखाड़ों से संबंधित हैं। मंत्री ने कहा कि महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने यह फैसला किया है।
2.49 करोड़ और खर्च होंगे
महाकुंभ के तहत नगर निगम हरिद्वार में 3664.60 लाख रुपये की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना को मंत्रिमंडल ने पांच पैकेज बनाने को भी स्वीकृति दी है। इसमें भूपतवाला, कनखल, मायापुरी और गौरीशंकर क्षेत्र शामिल हैं। पांचवी रिपैकेजिंग मानव श्रम से संबंधित है। मानव श्रम की निविदा में दस प्रतिशत अधिक लागत को मंत्रिमंडल ने स्वीकृत किया है। इससे 2.49 करोड़ अधिक खर्च होंगे और 9000 लोगों की तैनाती की जाएगी।
कोटद्वार में बनेगा मेडिकल कॉलेज
मंत्रिमंडल ने कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के लिए एक करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्र सरकार से स्वीकृति ली जाएगी। पहले यह मेडिकल कॉलेज ईएसआई के साथ मिलकर बनना था। इस पर विवाद हुआ तो अब मंत्रिमंडल ने अलग से अस्पताल बनाना स्वीकार किया है।
फोर्टिस का करार एक साल बढ़ा
कोरोनेशन अस्पताल का फोर्टिस के साथ पीपीपी मोड में हृदय रोग, डायलिसिस आदि से संबंधित अपचार के लिए करार सात मार्च, 2021 तक के लिए था। मंत्रिमंडल ने यह करार अब एक साल के लिए बढ़ा दिया है। यह करार अब सात मार्च 2022 तक लागू रहेगा।
गोपन को मंत्रिपरिषद नाम
प्रदेश में गोपन को अब मंत्रिपरिषद के नाम से जाना जाएगा। अन्य राज्यों में भी मंत्रिमंडल से संबंधित मामलों में प्रस्ताव बनाने से लेकर अन्य काम मंत्रिपरिषद विभाग के नाम से ही किया जाता है। प्रदेश में गोपन के नाम से इस विभाग को जाना जाता रहा है।
बजट सत्र समाप्त करने को मंजूूरी
मंत्रिमंडल ने एक मार्च से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण भराड़ीसैंण में आयोजित बजट सत्र समाप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। यह सत्र छह मार्च को भराड़ीसैंण में स्थगित किया गया था। अब विधानसभा की ओर से इसका औपचारिक रूप से आदेश जारी होगा।
कौशिक की जगह अब सुबोध उनियाल शासकीय प्रवक्ता
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल उत्तराखंड सरकार के नए शासकीय प्रवक्ता बनाए गए हैं। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने उन्हें शासकीय प्रवक्ता नामित करने के संबंध में आदेश जारी किए। शासकीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी देने के बाद उन्होंने कैबिनेट बैठक की ब्रीफिंग की। अभी तक मदन कौशिक यह दायित्व निभा रहे थे। मंत्री पद से हटने के बाद कौशिक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। उनकी विदाई के बाद शासकीय प्रवक्ता की कुर्सी खाली थी। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को यह जिम्मेदारी सौंपी है। उनियाल अब प्रदेश सरकार की ओर से बयान देने के लिए अधिकृत होंगे।