उत्तराखंड: यूपी की तर्ज पर अब प्रदेश में और भी सख्त होगा धर्मांतरण के खिलाफ कानून: पुष्कर सिंह धामी
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में धर्मांतरण को कानून को सख्त बनाए जाने पर चर्चा हुई है। लव जिहाद को रोकने और धार्मिक स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए यह बेहद आवश्यक है। कानून को सख्त बनाने को अधिकारियों से इसका मसौदा तैयार करने को कहा गया है।
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लव जिहाद को रोकने और धार्मिक स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए उत्तराखंड के धर्मांतरण कानून को पहले से सख्त बनाया जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों के साथ चर्चा की। इस कानून को उत्तर प्रदेश के कानून की तर्ज पर सख्त और प्रभावी बनाया जाएगा।
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समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से भी बात की। उन्होंने कहा कि पुलिस के कामकाज को आधुनिक और तेज बनाने लिए डीजीपी अशोक कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की गई है। इनमें से कई पर सैद्धांतिक मंजूरी भी दी गई है। बैठक में थाने चौकियों के निर्माण, वाहन खरीद और विभिन्न नियमावलियों को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर में ही पुलिस भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही पीएसी के लिए बसों की खरीद को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। पीएसी की आवाजाही को सुविधाजनक बनाया जा सके।
इस दौरान उन्होंने धर्मांतरण कानून के विषय पर भी बात कही। कहा कि उत्तराखंड में धर्मांतरण को कानून को सख्त बनाए जाने पर चर्चा हुई है। लव जिहाद को रोकने और धार्मिक स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए यह बेहद आवश्यक है। कानून को सख्त बनाने को अधिकारियों से इसका मसौदा तैयार करने को कहा गया है। उम्मीद है कि उत्तराखंड में पहले से अधिक प्रभावी और सख्त कानून धर्मांतरण के खिलाफ तैयार हो सकेगा। बता दें कि उत्तराखंड में धार्मिक स्वतंत्रता कानून को वर्ष 2018 में मंजूरी मिली थी। इसके बाद से कुछेक मुकदमे ही राज्य में दर्ज हुए हैं।
यह है उत्तर प्रदेश का कानून
उत्तर प्रदेश सरकार ने जबरन अंतरधार्मिक शादियां रोकने के लिए कानून बनाया हुआ है। इसे गैर कानूनी धर्मांतरण कानून 2020 नाम दिया गया। इसमें जबरन धर्म परिवर्तन करवाने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। इसके मुताबिक जबरन धर्म परिवर्तन करवाना संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है। इसमें अलग-अलग मामलों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए। धर्म छिपाकर शादी करने पर 10 साल तक की सजा, नाबालिग या अनुसूचित जाति या जनजाति की लड़की का धर्म परिवर्तन करवाने पर 10 साल की सजा, 25 हजार रुपये जुर्माना हो सकता है। इसके साथ ही गैर कानूनी सामूहिक धर्म परिवर्तन करवाने पर 50 हजार रुपये जुर्माना और तीन से 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
यह है उत्तराखंड का कानून
उत्तराखंड में इसका नाम धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2018 है। इसके तहत बिना अनुमति के यदि कोई धर्मांतरण या इसकी साजिश करता है तो उसे अधिकतम पांच साल की सजा हो सकती है। सरकार ऐसे धर्मांतरण को शून्य भी कर सकती है। यह प्रलोभन देकर या दैवी कृपा बताकर धर्मांतरण करने वालों पर प्रभावी होगा। धमकाने वालों और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति अपना धर्म बदलवाना चाहता तो उसे एक माह पहले अपने जिले के जिलाधिकारी को बताना होगा।
कांग्रेस ने हर वर्ग और धर्म का सम्मान किया : हरीश
कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने हर वर्ग और धर्म का सम्मान किया है। कठिन समय में पार्टी के साथ रहेे कांग्रेसजनों के हितों की रक्षा की जाएगी। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह बात यहां प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान भाजपा और बसपा छोड़कर आए कई लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ली।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक पार्टी है जो सभी धर्मों, वर्गों, संप्रदायों एवं जातियों का सम्मान करती है। कांग्रेस ने आजादी से लेकर आज तक राजनीति के साथ-साथ समाज सुधारक के रूप में भी काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव से लेकर आज तक झूठ बोलने के सिवा कुछ नहीं किया।
भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकारों ने अपने अभी तक के कार्यकाल में महंगाई, भ्रष्टाचार एवं लोकतंत्र को तार-तार करने के सिवा कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार को जोड़ने के साथ ही जो कठिन समय में पार्टी के साथ रहेे हैं, उन कांग्रेसजनों के हितों की भी रक्षा करेगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि नए साथियों के कांग्रेस पार्टी में जुड़ने से पार्टी संगठन को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी। राष्ट्रीय सामाजिक न्याय कृति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष नानकचंद ने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जिस भी राज्य में है, वहां दबे कुचले लोगों को और दबाने का काम कर रही है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने कहा कि भाजपा एवं बसपा की जन विरोधी नीतियों के चलते कई लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ली।