उत्तराखंड: आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में खुलेगा केंद्रीय शोध संस्थान, लंबे समय से हो रही थी मांग
उत्तराखंड में लंबे समय से जलवायु परिवर्तन और आपदाओं के अध्ययन को लेकर एक शोध संस्थान खोले जाने की वकालत हो रही है।
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प्राकृतिक आपदाओं को लेकर बेहद संवेदनशील उत्तराखंड में जल्द ही एक राष्ट्रीय आपदा शोध एवं अध्ययन संस्थान खुलेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संस्थान को लेकर जल्द चार बैठकें होंगी और उसके बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी संस्थान खोले जाने के संबंध में कड़ा रिमाइंडर दे गए हैं। वह भी व्यक्तिगत रूप से इसकी चिंता कर रहे हैं और उनकी कोशिश रहेगी कि संस्थान जल्द खुल जाए। उन्होंने संकेत दिए कि राज्य में स्थापित होने वाला संस्थान हिमालयी राज्यों की नहीं राष्ट्रीय स्तर पर आने वाली आपदाओं का भी शोध और अध्ययन करेगा। साथ ही आपदा से निपटने के उपाय भी सुझाएगा।
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लंबे समय से हो रही संस्थान की मांग
उत्तराखंड में लंबे समय से जलवायु परिवर्तन और आपदाओं के अध्ययन को लेकर एक शोध संस्थान खोले जाने की वकालत हो रही है। कुछ साल पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने राज्य में हिमालयी राज्यों के लिए अलग से एक शोध संस्थान खोलने की मांग उठाई थी। राज्य सरकार के स्तर पर भी ऐसे किसी राष्ट्रीय संस्थान को खोले जाने की मांग हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उनके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी केंद्र सरकार से संस्थान खोलने की मांग कर चुके है।
आपदा राहत पैकेज की उम्मीद दिखा गए शाह
उत्तराखंड में आई भीषण आपदा का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आपदा राहत पैकेज की उम्मीद दिखाकर लौट गए। उनसे यह उम्मीद की जा रही थी कि वह राहत पैकेज की घोषणा करेंगे। इस बीच विपक्ष ने पैकेज की घोषणा न होने पर शाह के दौरे को लेकर प्रश्न उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि पैकेज घोषित न होने से प्रभावितों की उम्मीदों को झटका लगा है।
मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर में आपदा से करीब सात हजार करोड़ की क्षति का अनुमान लगाया था। इसके बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि केंद्रीय गृह मंत्री हवाई सर्वेक्षण के बाद कोई न कोई राहत पैकेज घोषित करेंगे। राहत पैकेज के संबंध में पूछे गए सवाल पर शाह ने कहा कि राज्य को एडवांस 250 करोड़ रुपये आपदा फंड से दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी।
नुकसान का अभी प्राथमिक आकलन नहीं लगा
उच्चाधिकारियों की बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि अभी नुकसान प्राथमिक आकलन होना है। केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव राज्य सरकार के अधिकारियों से नुकसान की प्राथमिक रिपोर्ट लेंगे। शाह के मुताबिक भारी मात्रा में लोगों की जमीन बही है। इस क्षति का सर्वे के बाद ही सही अंदाजा लगेगा।
अभी नुकसान का आकलन हो रहा है : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हाल ही में प्रदेश में आई आपदा से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद नुकसान का आगणक (इस्टीमेट) तैयार किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश को आपदा से हुए नुकसान में पूरी मदद का भरोसा दिया है।
शासन ने जिलाधिकारियों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी
शासन ने सभी जिलाधिकारियों से आपदा प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान का सही आकलन लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अभी आपदा प्रभावित इलाकों में मशीनरी राहत एवं बचाव कार्यों में लगी है। समय निकालकर उनसे रिपोर्ट देने को कहा गया है।
यूपी, हरियाणा ने दी मदद, सीएम ने जताया आभार आपदा पीड़ितों की मदद के लिए उत्तरप्रदेश सरकार ने 10 करोड़ की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में दी है। हरियाणा सरकार ने पांच करोड़ की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार जताया है। उन्होंने ट्विीटर पर लिखा कि संकट की इस घड़ी में की गई यह मदद हमारे लिए अनमोल है।