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उत्तराखंड: पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का बयान, देवस्थानम बोर्ड पर नहीं होगा पुनर्विचार 

Mon, 07 Jun 2021 09:20 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 07 Jun 2021 09:20 PM IST
सार

सोमवार को मीडिया से बातचीत में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड पर फिलहाल पुनर्विचार नहीं होगा।

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Uttarakhand News: Cabinet Minister Satpal Maharaj told For not  reconsidered of Devasthanam Board
सतपाल महाराज - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार नहीं होगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मीडिया से वार्ता में यह बात कही है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कुर्सी संभालने के बाद एलान किया था कि देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार किया जाएगा।

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इससे देवस्थानम बोर्ड का विरोध कर रहे तीर्थ पुरोहित और पंडा समाज ने राहत की सांस ली थी। तब से लगातार इस दिशा में कोई फैसला होने की उम्मीदें बनी हुई थीं। इस बीच सोमवार को मीडिया से बातचीत में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड पर फिलहाल पुनर्विचार नहीं होगा।
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उनके इस बयान के बाद सूबे में एक बार फिर देवस्थानम बोर्ड पर फैसले को लेकर हलचल शुरू हो गई है। अमर उजाला से बातचीत में मंत्री महाराज ने कहा कि फिलहाल पुनर्विचार नहीं होगा, यह बात सही है। वहीं, उन्होंने भविष्य में सरकार की ओर से इस पर किसी फैसले को लेकर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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पूर्व की व्यवस्थाओं को लागू करने की मांग
उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड को लेकर पंडा पुरोहित और हक हकूकधारी विरोध कर रहे हैं। वे इसे अपने अधिकारों के साथ धामों की संस्कृति और परंपराओं के खिलाफ बता रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को देवस्थानम बोर्ड को तत्काल भंग कर पूर्व की व्यवस्थाओं को लागू करना चाहिए।


आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित प्राचीन परंपराएं खंडित कर रहा बोर्ड : महापंचायत
महापंचायत से जुड़े सदस्यों का साफ कहना है कि 15 जनवरी 2020 को बोर्ड की अधिसूचना जारी होने के बाद देवस्थानम बोर्ड के गठन के बाद से अब तक सरकार के पास बताने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है। देवस्थानम बोर्ड की ओर से स्थापना के बाद से ही चारों धामों की परंपराओं के साथ सिर्फ खिलवाड़ किया जा रहा है।देवस्थानम बोर्ड के गठन के 40 दिन बाद मुख्य कार्य अधिकारी नियुक्त किया गया। 24 फरवरी 2021 को रविनाथ रमन को सीईओ पद पर अतिरिक्त प्रभार दिया गया। सरकार को बोर्ड को तत्काल भंग कर पूर्व की व्यवस्थाओं को लागू करना चाहिए।

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