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Exclusive: उत्तराखंड में 108 की तर्ज पर पहली बार पशुओं के लिए भी जल्द शुरू होगी एंबुलेंस

Tue, 09 Aug 2022 01:24 PM IST
अलका त्यागी भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 09 Aug 2022 01:24 PM IST
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Uttarakhand news: Ambulance for animals will also start soon For the first time in state
सड़क पर पशु - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड में जल्द ही बीमार पशुओं का घर पर इलाज करने के लिए एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी। इंसानों के संचालित 108 एंबुलेंस की तर्ज पर पहली बार राज्य में पशु चिकित्सा के लिए एंबुलेंस चलाई जाएगी। इसके लिए पहले चरण में 60 पशु चिकित्सा एंबुलेंस खरीदने के लिए सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। टोल फ्री नंबर पर कॉल करने से किसानों को घर पर ही बीमार पशु का इलाज कराने के लिए एंबुलेंस सेवा मिलेगी। 

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राज्य में खेती किसानी और पशुपालन लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है। 8.5 लाख किसान परिवार पशुपालन से जुड़े हैं। जिनकी बड़े पशु (गाय व भैंस) का पालन से आजीविका चलती है। प्रदेश में लगभग 27 लाख बड़े पशु हैं। इसके अलावा दो लाख परिवार छोटे पशु (भेड़, बकरी, सुअर, घोड़े, खच्चर) का व्यवसाय कर रहे हैं। प्रदेश में अभी तक बीमार पशु का घर द्वार पर इलाज कराने की सुविधा नहीं है। किसानों को बीमार पशु को उपचार के लिए पशु चिकित्सालय या पशु सेवा केंद्र में ले जाना पड़ता है। जिससे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 
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प्रदेश सरकार का पशुपालन व्यवसाय में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए पशुपालकों को समस्याओं का समाधान करने पर फोकस है। इसके लिए सरकार पहली बार पशुपालकों को घर पर भी बीमार पशुओं के इलाज की सुविधा देने जा रही है। पहले चरण में 60 पशु चिकित्सा एंबुलेंस खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। सभी जिलों को ये एंबुलेंस दी जाएगी। प्रत्येक एंबुलेंस में दो पशु चिकित्सा डॉक्टर तैनात किया जाएगा। 
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प्रदेश में 323 पशु चिकित्सालय
पशुओं के इलाज के लिए वर्तमान में 323 पशु चिकित्सालय संचालित हैं। इसके अलावा 770 पशु सेवा केंद्र, 682 कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, चार पशु प्रजनन फार्म है। दुर्गम क्षेत्रों में बीमार पशुओं को समय पर इलाज न मिलने के कारण पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। 


प्रदेश में जल्द ही पशुओं के इलाज के लिए पशु चिकित्सा एंबुलेंस शुरू की जाएगी। इसके लिए 60 एंबुलेंस को खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। पशुपालकों को टोल फ्री नंबर से घर द्वार पर ही बीमार पशु का इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए सरकार नई योजनाएं लाने का प्रयास कर रही है। 
- सौरभ बहुगुणा, पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री

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