उत्तराखंड: बैक करते वक्त मंदाकिनी नदी में समाई कार, कार चालक का शव बरामद
जानकारी के मुताबिक अगस्त्यमुनि के गंगानगर में गुरुवार की सुबह 7.30 बजे एक कार मंदाकिनी नदी में समा गई है।
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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में एक ऑल्टो कार मंदाकिनी नदी में समा गई। बताया गया कि कार में चालक के अलावा और कोई दूसरी सवारी नहीं थी। वहीं पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने शव बरामद कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक अगस्त्यमुनि के गंगानगर में गुरुवार की सुबह 7.30 बजे एक कार मंदाकिनी नदी में समा गई। बताया गया कि चालक किशोरी लाल कार बैक कर रहा था और तभी कार नदी में गिर गई।
कार चालक ने सीट बेल्ट भी लगाई हुई थी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने शव को नदी से बरामद किया। पंचायतनामा की कार्रवाई करते हुए शव पोस्टमॉर्टम के जिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भिजवाया गया। मृतक किशोरी लाल मैखण्डा, फाटा, रुद्रप्रयाग के रहने वाले थे।
कार ने बैंच में बैठे व्यक्ति को मारी टक्कर, मौत
विकासनगर के जोहड़ी कालसी में मंगलवार की रात को हुए हादसे में स्थानीय निवासी 45 वर्षीय अमर सिंह की मृत्यु हो गई। मूल रूप से ग्राम देऊ के निवासी अमर सिंह पुत्र रण सिंह लंबे समय से अपने परिवार सहित जोहड़ी कालसी स्थित अपने आवास पर रह रहे थे।
मंगलवार रात लगभग आठ बजे वह खाना खाकर अपने घर के बाहर पड़ी बेंच पर बैठे हुए थे। तभी कालसी से साहिया की ओर तेज गति से जा रही एक कार पहले एक पिलर से टकराई उसके पश्चात कार ने तेज गति से बेंच पर टक्कर मार दी। जिससे अमर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घायल अवस्था में उन्हें 108 एंबुलेंस द्वारा लेहमन अस्पताल हरबर्टपुर पहुंचाया गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि घटना की तहरीर प्राप्त हुई है। शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है ।
अब सड़क हादसे रोकने को सोशल मीडिया का सहारा
साल दर साल बढ़ते जा रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए अब परिवहन विभाग नए सिरे से रणनीति बनाने में जुट गया है। इसमें सोशल मीडिया को प्रमुखता दी जा रही है ताकि युवाओं तक पहुंच आसान की जा सके।
दरअसल, प्रदेश में हर साल सैंकड़ों लोग सड़क हादसों में जान गंवा देते हैं। इनमें एक बड़ी संख्या उन युवाओं की भी है जो कि यातायात के नियमों को तोड़ते हुए ओवरस्पीड या अन्य किसी कारण के मौत के मुंह में समा जाते हैं। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य भी इसे लेकर बेहद चिंतित हैं। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को लक्ष्य दिया है कि वह एक साल के भीतर सड़क हादसों की संख्या कम से कम 50 प्रतिशत कम कर दें।
सड़क हादसों को कम करने के लिए अब परिवहन विभाग युवाओं पर फोकस बढ़ाएगा। इसके लिए सोशल मीडिया अकाउंट सक्रिय किए जाएंगे। फेसबुक, ट्वीटर के माध्यम से युवाओं के बीच वीडियो बनाकर संवाद किया जाएगा। उन्हें समझाया जाएगा कि उनकी एक गलती कितनी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। विभागीय मंत्री यशपाल आर्य के निर्देशों के बाद विभाग अब इसकी तैयारियों में जुट गया है।
टूटी सड़कें बन रही चुनौती
सड़क दुघर्टनाओं को लेकर बरसात में टूटी हुई सड़कें अब नई चुुनौती बनकर सामने आ रही हैं। सड़कों में बने गड्ढों में भरा हुआ पानी हादसों को दावत दे रहा है। खासतौर से बाइक सवारों के लिए मुसीबत पैदा हो रही है। परिवहन विभाग ने अब इस बाबत लोक निर्माण विभाग से संपर्क किया है।