{"_id":"681461b6a6dd6476e50d038f","slug":"uttarakhand-nagar-nikay-2000-grade-pay-employees-are-handling-important-responsibility-of-municipal-bodies-2025-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: 2000 ग्रेड-पे के कर्मचारी संभाल रहे निकायों की सबसे अहम जिम्मेदारी, रेवड़ी की तरह बांटे गए प्रभार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: 2000 ग्रेड-पे के कर्मचारी संभाल रहे निकायों की सबसे अहम जिम्मेदारी, रेवड़ी की तरह बांटे गए प्रभार
Fri, 02 May 2025 11:44 AM IST
रेनू सकलानी
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 02 May 2025 11:44 AM IST
सार
उत्तराखंड के नगर निकायों में 2000 ग्रेड-पे के कर्मचारी सबसे अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। संवर्ग व ग्रेड-पे के हिसाब से जो नहीं बन सकते थे ईओ, उन्हें कुर्सी थमाई गई।
विज्ञापन
नगर निगम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपने संवर्ग और ग्रेड-पे के हिसाब से जो कर्मचारी कभी भी नगर निकायों में अधिशासी अधिकारी (ईओ) नहीं बन सकते हैं, उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। हैरत की बात ये भी है कि पालिका लेखा सेवा के कर्मचारियों को भी ईओ का प्रभार रेवड़ी की तरह बांटा गया है।
विज्ञापन
सरकार ने पिछले पांच साल में 15 से ज्यादा नए नगर निकाय बनाए हैं। इन निकायों में करोड़ों रुपये का बजट भी आ रहा है। इस बजट के सही इस्तेमाल, निकायों की पूरी व्यवस्था का जिम्मा ईओ के पास होता है। जिन 46 नगर निकायों में प्रभारी व्यवस्था चल रही है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...नैनीताल कांड: 200 रुपये दिए, गैराज में खड़ी कार में मासूम से की दरिंदगी; विरोध पर मुंह पर बांध दिया था कपड़ा
विज्ञापन
वहां ईओ की जिम्मेदारी उस संवर्ग के कर्मचारियों को भी सौंप दी गई, जो उस पर पर जीवन में कभी पदोन्नति के बाद भी नहीं पहुंच सकते। 2000 ग्रेड-पे के इन कर्मचारियों को रेवड़ी की तरह ईओ का प्रभार देने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।