ऋषिकेश: बारिश से त्रिवेणीघाट का आरती स्थल हुआ जलमग्न, बीन नदी में फंसा कैदी वाहन
बता दें कि बारिश के बाद सोमवार को लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती और ऋषिकेश में गंगा नदी घाटों के ऊपर से बह रही थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के बाद गंगा नदी का जल स्तर भी घट बढ़ रहा है। तीर्थनगरी में गंगा पक्के घाटों के ऊपर से होकर बह रही है। दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर बढ़ने से त्रिवेणीघाट पर बना आरती स्थल जलमग्न हो गया। यहां गंगा नदी चेतावनी रेखा 339.50 से मात्र 43 सेमी नीचे 339.07 मीटर पर बह रही थी।
Uttarakhand Monsoon Update: तड़के से बारिश जारी, बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध, फूलों की घाटी मार्ग पर पुल बहा
सोमवार को लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती और ऋषिकेश में गंगा नदी घाटों के ऊपर से बह रही थी। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सुबह 6 बजे नदी का जलस्तर 338.75 मीटर, सुबह 8 बजे 338.88 मीटर, सुबह 10 बजे 338.98 मीटर, दोपहर 12 बजे 339.07 मीटर, दोपहर दो बजे 339.05 मीटर, चार बजे 338.96 मीटर और शाम छह बजे 339.86 मीटर दर्ज किया गया। शाम तक गंगा नदी चेतावनी रेखा से 64 सेमी नीचे बह रही थी।
करीब तीन घंटे तक बीन नदी में फंसा कैदी वाहन
बैराज-चीला मोटर मार्ग पर बीन नदी में दोपहर करीब एक बजे एक कैदी वाहन फंस गया। नदी का जलस्तर बढ़ने से वाहन नदी के बीचोंबीच बंद हो गया। लोगों ने इसकी सूचना थाना लक्ष्मणझूला पुलिस को दी। मौके पर पहुंची थाना लक्ष्मणझूला पुलिस ने दो क्रेन की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद करीब तीन घंटे बाद शाम चार बजे वाहन को सकुशल बाहर निकाला।
थाना लक्ष्मणझूला पुलिस ने बताया कि एक कैदी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण सोमवार को हल्द्वानी से एक कैदी वाहन एक कैदी को लेकर एम्स में स्वास्थ्य उपचार के लिए आया था। बैराज-चीला मोटर मार्ग से वाहन हरिद्वार की ओर जा रहा था। इस दौरान वाहन बीन नदी में फंस गया। कड़ी मशकत के बाद दो क्रेनों की मदद से वाहन को नदी से बाहर निकाला गया।
गौरतलब है कि चीला-बैराज मोटर मार्ग पर बीन नदी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मानसून सीजन में बीन नदी ऊफान पर आ जाती है। जिससे यहां डांडामंडल के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट जाता है। बीन नदी पर स्थायी पुल निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई धरना प्रदर्शन किए। लेकिन वन विभाग क्षेत्र होने के कारण मामला अभी ठंडे बस्ते में है। जिसके चलते इन दिनों बरसात में कई वाहन बीन नदी से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।