Uttarakhand Monsoon Update: लामबगड़ में 20 घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे, फूलों की घाटी मार्ग पर पुल बहा
इन दिनों क्षेत्र में रुक-रुककर भारी बारिश हो रही है, जिससे बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह भूस्खलन से बंद हो रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी देहरादून सहित उत्तराखंड के लगभग सभी इलाकों में सोमवार को बारिश हुई। वहीं, लामबगड़ नाले के उफान पर आने से बदरीनाथ हाईवे करीब 20 घंटे तक बाधित रहा। ऐसे में बदरीनाथ धाम गए डीएम हिमांशु खुराना भी वहीं फंस गए। हाईवे जल्द खुलता न देख प्रशासन और स्थानीय लोगों ने डीएम को पैदल ही नाला पार करवाया। हाईवे बंद होने से लोगों के साथ ही सेना के जवानों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रविवार शाम करीब छह बजे बंद हुआ हाईवे सोमवार दोपहर दो बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जा सका।
ऋषिकेश: बारिश से त्रिवेणीघाट का आरती स्थल हुआ जलमग्न, बीन नदी में फंसा कैदी वाहन
इन दिनों क्षेत्र में रुक-रुककर भारी बारिश हो रही है, जिससे बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह भूस्खलन से बंद हो रहा है। ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में हाईवे की स्थिति बेहतर हो गई है, लेकिन लामबगड़ नाले का अभी तक ट्रीटमेंट न होने से यहां नाले के उफान न आने से हाईवे बाधित हो रहा है। रविवार को भी नाले के उफान पर आने से यहां भारी मात्रा में बोल्डर आ गए, जिससे हाईवे बंद हो गया।
ऐसे में बदरीनाथ धाम गए जिलाधिकारी हिमांशु खुराना भी यहीं फंस गए। रात होने और तेज बारिश के कारण हाईवे खोल पाना संभव नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते जिलाधिकारी को बदरीनाथ धाम में ही रुकना पड़ा। सोमवार सुबह आठ बजे से लोनिवि (एनएच) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की जेसीबी के जरिए हाईवे खोलने का काम शुरू हुआ। हाईवे जल्द न खुलता देख प्रशासन की टीम, पुलिस और स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी को पैदल ही नाला पार कराया, जिसके बाद वह वाहन से गोपेश्वर रवाना हुए। लगातार जेसीबी से बोल्डरों को हटाने के बाद दोपहर करीब दो बजे तक वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई।
यमुनोत्री हाईवे पर जगह-जगह मलबा और पत्थर आए
उत्तरकाशी में रात से हल्की बारिश हो रही है। रुद्रप्रयाग जिले में सोमवार तड़के हल्की बारिश हुई । यहां फिलहाल आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। यमुनोत्रीधाम सहित यमुना घाटी में रविवार मध्य रात्री से बारिश हो रही है। यमुनोत्री हाईवे पर जगह-जगह मलबा और पत्थर आने से मार्ग बंद हो गया है। यहां लगातार बारिश के कारण मार्ग खोलने के प्रयास शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
फूलों की घाटी मार्ग में पुल बहा, पर्यटकों की आवाजाही रुकी
भारी बारिश के चलते फूलों की घाटी को जाने वाला मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां द्वारिपुल के पास बना एक पुल बह गया है। जिससे पर्यटकों की आवाजाही रुक गई है। वन विभाग मजदूर लेकर रास्ते को बनाने में लग गया है।फूलों की घाटी के रेजर बृज मोहन भारती ने बताया कि आज पर्यटकों को घाटी में नहीं जाने दिया जाएगा। जल्द ही रास्ता बनने के बाद फिर से घाटी में आवाजाही होगी।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नागुण के पास खुला
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नागुण के पास लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया था, लेकिन यहां मार्ग को बाद में खोल दिया गया। टिहरी में सोमवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। जिले के 8 ग्रामीण संपर्क मोटर मार्ग यातायात के लिए बाधित चल रहे हैं।
कोटद्वार-दुगड्डा के बीच पांचवें मील के गदेरे में आया उफान
कोटद्वार-दुगड्डा एनएच के बीच पांचवें मील के गदेरे में उफान व मलबा आने और दुगड्डा के चूनाधारा के पास सड़क पर पेड़ गिरने से करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। एनएच विभाग ने गदेरे का पानी कम होने के बाद जेसीबी से रपटे पर जमा मलबे को हटाया और पेड़ को काटकर किसी प्रकार यातायात बहाल किया।
रविवार से पर्वतीय क्षेत्रों में दिन भर से हो रही बारिश के कारण रविवार शाम को करीब साढ़े छह बजे और सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे कोटद्वार-दुगड्डा के बीच पांचवें मील के गदेरे में अचानक उफान आ गया। गदेरे के उफान के साथ भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आने से मार्ग बाधित हो गया। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई वाहन उफनाए गदेरे की चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
सूचना पर पहुंचे एनएच विभाग के अधिकारी और पुलिस ने लोगों को गदेरे के पास जाने से रोका। करीब एक घंटे के बाद पानी कम होने पर एनएच विभाग की जेसीबी ने सड़क से मलबा हटाया और यातायात सुचारु कराया।
चूना धारा के पास गिरा पेड़, बाल-बाल बचे यात्री
सोमवार अपराह्न करीब तीन बजे दुगड्डा के चूनाधारा के पास एक भारी भरकम पेड़ अचानक हाईवे पर गिर गया। पेड़ गिरने के दौरान सड़क पर चल रहे यात्री बाल-बाल बचे। गनीमत रही कि इसी दौरान वहां से कोई वाहन नहीं गुजर राि था। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद एनएच विभाग ने पेड़ काटकर जेसीबी से सड़क को यातायात के लिए खोला। इस बीच सड़क के दोनों ओर वाहनों की लाइन लगी रही। एक घंटे के बाद मार्ग खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। एनएच खंड धुमाकोट के अवर अभियंता अरविंद जोशी का कहना है कि पेेड़ को काटकर और जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात शुरू कर दिया गया है।