उत्तराखंड मौसम: नौ घंटे बंद रहा रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे, चिन्यालीसौड़ बाजार की सुरक्षा दीवार एक मीटर धंसी
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक सोमवार को राज्य के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
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मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में उत्तराखंड के पांच जिलों में भारी बारिश से आसार जताए गए हैं। वहीं राज्य में हाईवे और मार्ग मलबा आने से बंद हैं। देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश और हरिद्वार में रविवार रात से ही रुक-रुक का बारिश जारी है।
रामपुर-न्यालसू में पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे 9 घंटे बंद रहा। इस दौरान गौरीकुंड, सोनप्रयाग के लोगों को गुप्तकाशी पहुंचने के लिए कई किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। रविवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से गौरीकुंड हाईवे रामपुर के समीप अवरुद्ध हो गया था। सोमवार सुबह 5 बजे जैसे वाहन मौके पर पहुंचे तो पाया कि सड़क पर भारी बोल्डर और मलबे का ढेर लगा हुआ है।
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सूचना पर एनएच व ऑलवेदर रोड परियोजना की कार्यदायी संस्था की ओर से सुबह 8 बजे से मलबे की सफाई का काम किया गया। करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर बाद 2 बजे हाईवे पर यातायात बहाल हो पाया। एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बरसात से कई डेंजर जोन सक्रिय हो गए हैं। इससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
चिन्यालीसौड़ बाजार की सुरक्षा दीवार एक मीटर धंसी
चिन्यालीसौड़ बाजार की सुरक्षा के लिए टीएचडीसी की ओर से तैयार सुरक्षा दीवार का 20 मीटर हिस्सा एक मीटर गहराई तक धंस गया है। पांच साल पहले पांच करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया गया था। रविवार रात मूसलाधार बारिश के कारण दीवार धंसनी शुरू हो गई। इसके कारण दीवार के बगल में बनाई जा रही कंकरीट वॉल के साथ आसपास की दुकानें और आवासीय भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं।
वर्ष 2007 में टिहरी बांध झील का जलस्तर बढ़ने पर तटवर्ती चिन्यालीसौड़ व आसपास के क्षेत्र में भूस्खलन व भू-धंसाव सक्रिय हो गया था। तब स्थानीय लोगों ने चिन्यालीसौड़, पीपलमंडी, अस्पताल व जोगत रोड पर सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की थी। इसपर टीएचडीसी (टिहरी हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) ने वर्ष 2016 में मुख्य बाजार और जोगत रोड के मुहाने पर दीवार का निर्माण शुरू किया। निर्माण वर्ष 2018 में पूरा हो गया।
वहीं दूसरे हिस्से में जोगत रोड पर इस साल की शुरुआत में कंकरीट की दीवार का निर्माण शुरू किया गया। वहीं गंगोत्री हाईवे पर पानी की निकासी की कोई व्यवस्था न होने से सड़क पर ही पानी का जमाव होता रहा। जोगत रोड पर पहले भी बारिश का पानी व मलबा आवासीय घरों में घुसा लेकिन किसी ने भी समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया। लगातार पानी का रिसाव होने और रविवार रात मूसलाधार बारिश के कारण सुरक्षा दीवार का करीब 20 मीटर हिस्सा एक मीटर तक धंस गया।
नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शूरवीर रांगड़ व व्यापारमंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल का कहना है कि गंगोत्री हाईवे पर जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण सुरक्षा दीवारों के ढहने का खतरा है। इसके साथ यहां के आबादी क्षेत्र के लिए कभी भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से शीघ्र सुरक्षा उपाय के लिए कार्रवाई करने की मांग की है।
भारी बारिश की संभावना
मौसम विज्ञानियों ने अगले चौबीस घंटे में पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी और देहरादून में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक सोमवार को राज्य के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
वहीं मौसम के बदले मिजाज के चलते रविवार की सुबह मूसलाधार बारिश ने राजधानी के दर्जन भर से अधिक इलाकों में लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। झमाझम बारिश के चलते जहां राजधानी के बड़े प्रमुख चौराहों पर जबरदस्त जलभराव हो गया।
वहीं राजधानी के बसंत विहार, आईएसबीटी, माजरा, शिमला बाईपास, सरस्वती विहार, केवल बिहार, गांधी रोड, कांवली रोड, नेहरू कालोनी, धर्मपुर, आईएसबीटी , किशन नगर, राजेंद्र नगर, त्यागी रोड, पटेल नगर कई इलाकों में जलभराव होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
चंपावत-टनकपुर हाईवे मलबा आने के कारण बंद
वहीं चंपावत-टनकपुर हाईवे स्वांला और भारतोली के पास भारी मलबा आने के कारण बंद है। बागेश्वर, लोहाघाट, नैनीताल, पिथौरागढ़, पंतनगर, रुद्रपुर में बादल छाए हैं। यहां रुक-रुक हल्की बूंदाबांदी हो रही है।
टनकपुर-चम्पावत राजमार्ग बंद होने की वजह से टनकपुर के ककरालीगेट बैरियर पर पहाड़ जाने वाले वाहन रोके गए हैं।