CM की सिफारिश के बाद भी नहीं हुई मंत्रीजी की मनमानी
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उत्तराखंड मुख्यमंत्री की सिफारिश के बावजूद शासन ने कृषि मंत्री की पत्नी और पौड़ी जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत को संयुक्त निदेशक कार्यालय पौड़ी से संबद्ध करने से इनकार कर दिया है।
शिक्षा सचिव एमसी जोशी ने इसे नियम विरुद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि दीप्ति रावत को जिला पंचायत की बैठक में भाग लेना है तो वे छुट्टी ले सकती हैं। प्रकरण की फाइल अपर मुख्य सचिव को भेज दी गई है।
राजधानी के बल्लूपुर स्थित अशासकीय विद्यालय भवानी बालिका इंटर कालेज में सहायक अध्यापिका दीप्ति रावत ने जिला पंचायत की बैठक में भाग लेने के लिए पौड़ी में संबद्धता मांगी थी।
इसकी तैयारी भी पूरी हो चुकी थी। बाकायदा मुख्यमंत्री ने शासन को आदेश जारी कर दिए थे। नियम को ताक पर रखकर हो रहे इस खेल का खुलासा अमर उजाला ने नौ दिसंबर के अंक में किया था।
मंत्री आ गए थे आमने-सामने
मामला गरमाया तो शासन ने नियमावली टटोली और इसे नियम विरुद्ध बता दिया। शिक्षा सचिव एमसी जोशी ने कहा कि अशासकीय से अशासकीय विद्यालय में ही उनका तबादला हो सकता है। अशासकीय विद्यालय से शासकीय कार्यालय में संबद्ध किए जाने का कोई नियम नहीं है।
फाइल में यह भी सुझाव दिया गया है कि अशासकीय विद्यालय से अशासकीय विद्यालय में तबादले का कोई विकल्प तलाशा जा सकता है। वहीं जिला पंचायत की बैठक में शामिल होने के लिए छुट्टी ली जा सकती है।
प्रकरण सामने आने के बाद कृषि मंत्री हरक सिंह रावत और शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी आमने सामने आ गए थे। कृषि मंत्री का कहना था कि उनकी पत्नी का तबादला हो जाना चाहिए। वहीं शिक्षामंत्री मंत्री का कहना था कि नियम विरुद्ध कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा।